सुनील ओसवाल / मुंबई
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कार्यक्रम से गैरहाजिरी रहने वाले भाजपा के ४० नगरसेवकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने के बावजूद पार्टी के नगरसेवकों की गैरहाजिरी का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में शनिवार को नागपुर स्थित हुए दिघोरी-कमाल चौक फ्लाईओवर के उद्घाटन समारोह में भाजपा के करीब ५० प्रतिशत नगरसेवक अनुपस्थित रहे।
कुछ दिन पहले रेशीमबाग स्थित सुरेश भट सभागृह में मुख्यमंत्री फडणवीस की मौजूदगी में साहित्य वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया था। मुख्यमंत्री के व्यस्त कार्यक्रम के बावजूद बड़ी संख्या में स्थानीय नगरसेवकों के अनुपस्थित रहने पर सत्तापक्ष नेता बाल्या बोरकर ने ४० नगरसेवकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया था। साथ ही भविष्य में निधि वितरण में विचार किए जाने का संकेत भी दिया गया था। उस समय कुछ नगरसेवकों ने बीमारी तो कुछ ने शहर से बाहर होने का कारण बताया था। लगातार दो प्रमुख कार्यक्रमों में नगरसेवकों की गैरहाजिरी को लेकर अब भाजपा के स्थानीय संगठन में चर्चा शुरू हो गई है। पार्टी नेतृत्व ने पहली घटना के बाद नोटिस जारी कर अपना रुख स्पष्ट किया था। इसके बावजूद दूसरी बार भी बड़ी संख्या में नगरसेवकों की अनुपस्थिति के बाद अब आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर निगाहें टिकी हैं। शनिवार को उसी सुरेश भट सभागृह में फ्लाईओवर के उद्घाटन का कार्यक्रम आयोजित किया गया। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ स्थानीय विधायक और भाजपा पदाधिकारी भी समारोह में मौजूद थे। इसके बावजूद भाजपा के लगभग आधे नगरसेवक कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। इस अनुपस्थिति ने पार्टी के भीतर अनुशासन और संगठनात्मक नियंत्रण को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। खास बात यह रही कि कांग्रेस के पूर्व सांसद गेव्ह आवारी भी कार्यक्रम में मौजूद रहे, जबकि सत्तारूढ़ भाजपा के ही बड़ी संख्या में नगरसेवक समारोह से दूर रहे।
भाजपा को अनुशासन और संगठनात्मक मजबूती के लिए जाना जाता है। ऐसे में मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री की मौजूदगी वाले कार्यक्रम में ही बड़ी संख्या में नगरसेवकों का अनुपस्थित रहना पार्टी के लिए स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।
