मुख्यपृष्ठविश्वएआई इंसानी काबू से निकला तो?.. चीन ने तैयार किया ‘लाल बटन’!

एआई इंसानी काबू से निकला तो?.. चीन ने तैयार किया ‘लाल बटन’!

-बुनियादी ढांचे और सैन्य इस्तेमाल में नियंत्रण खोने का जोखिम; अंतिम फैसला मनुष्य के हाथ रखने वाले नियम

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की दौड़ अब केवल यह तय करने की नहीं रह गई कि सबसे ताकतवर मॉडल किस देश के पास होगा। असली सवाल यह बनता जा रहा है कि अगर एआई इंसान की आज्ञा मानना बंद कर दे तो उसे रोकेगा कौन? चीन ने इसी खतरे को गंभीरता से लेना शुरू किया है। बीजिंग के एआई सुरक्षा ढांचे में ‘लॉस ऑफ कंट्रोल’ यानी मशीन पर मानवीय नियंत्रण खत्म होने की आशंका बाकायदा शामिल है। चीन का जोर है कि महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और खासकर सैन्य प्रणालियों में अंतिम नियंत्रण मनुष्य के पास रहना चाहिए। उसके आधिकारिक सैन्य-एआई दस्तावेजों में यह सिद्धांत साफ है कि हथियार प्रणालियां मानव नियंत्रण में रहें और जरूरत पड़ने पर मनुष्य उन्हें रोक सके।
इसे आसान भाषा में एआई का ‘लाल बटन’ कह सकते हैं। हालांकि, यह जरूरी नहीं कि हर सिस्टम में सचमुच कोई एक भौतिक लाल बटन लगा हो। असल अवधारणा ऐसी तकनीकी और कानूनी व्यवस्था की है, जिसमें मशीन का निर्णय अंतिम न हो और मनुष्य उसे रोक, बदल या निष्क्रिय कर सके।
चीनी रक्षा मंत्रालय की चेतावनी
चिंता काल्पनिक भी नहीं है। आज एआई बिजली ग्रिड, साइबर सुरक्षा, संचार, ड्रोन, हथियार और युद्ध संबंधी निर्णयों तक तेजी से पहुंच रहा है। चीन के रक्षा मंत्रालय ने हाल में चेताया कि एल्गोरिद्म को जीवन-मृत्यु का अंतिम पैâसला सौंपना तकनीकी नियंत्रण खोने और युद्ध में गलत आकलन का खतरा पैदा कर सकता है।
चीनी सैन्य संस्थानों की बढ़ती दिलचस्पी
लेकिन यहां चीन के सामने भी एक विरोधाभास है। एक तरफ वह मानव नियंत्रण की बात करता है, दूसरी तरफ उसकी सेना रोबोट और एआई आधारित युद्ध प्रणालियों के इस्तेमाल की दिशा में तेजी से बढ़ रही है। हालिया रिपोर्टों में चीनी सैन्य संस्थानों की ‘ह्यूमनॉयड रोबोट्स’ और अन्य स्वायत्त प्रणालियों में बढ़ती दिलचस्पी सामने आई है।

अन्य समाचार