-अंतरिम प्रधानमंत्री के लिए रेस में दो नाम
-सुशीला कार्की और कुलमन घीसिंग में बंटा गुट
सामना संवाददाता / काठमांडू
नेपाल में सोशल मीडिया बैन से भड़के युवा आंदोलन ने गुरुवार को नया मोड़ ले लिया। जेन-जी प्रदर्शनकारियों के एक धड़े ने नेपाल विद्युत प्राधिकरण के पूर्व कार्यकारी प्रमुख कुलमन घीसिंग का नाम अंतरिम सरकार के प्रमुख के रूप में प्रस्तावित किया। इससे पहले पूर्व सुप्रीम कोर्ट चीफ जस्टिस सुशीला कार्की का नाम सबसे आगे चल रहा था, लेकिन प्रदर्शनकारियों का एक हिस्सा उनके खिलाफ हो गया और कहा कि संविधान उन्हें प्रधानमंत्री बनने की अनुमति नहीं देता। इस तरह नेपाल में तख्तापलट करनेवाले जेन-जी में ही अब दो फाड़ हो गया है।
गौरतलब है कि हजारों युवाओं ने पहले ऑनलाइन वोटिंग में सुशीला कार्की का समर्थन किया था, लेकिन बाद में यह तर्क दिया गया कि पूर्व मुख्य न्यायाधीश या जज प्रधानमंत्री नहीं बन सकते। इसके अलावा, काठमांडू के मेयर बालेन शाह ने साफ कर दिया कि वह इस जिम्मेदारी को नहीं लेना चाहते। वहीं इस रेस में धरान नगरपालिक के मेयर हर्क सम्पांग का नाम भी आया, लेकिन उन्हें सर्वमान्य उम्मीदवार मानने पर सहमति नहीं बनी।
बलेन शाह की रुचि नहीं
प्रदर्शनकारी युवाओं के एक धड़े ने अपने बयान में कहा, ‘चूंकि बालेन शाह ने रुचि नहीं दिखाई, हर्क सम्पांग सबको साथ नहीं ले पाएंगे और सुशीला कार्की ७० वर्ष से अधिक उम्र की और अयोग्य हैं, इसलिए यह तय किया गया कि कुलमन घीसिंग जैसे देशभक्त और सबके चहेते शख्स को अंतरिम सरकार का नेतृत्व करना चाहिए।’
चॉपर से लटक कर भागा मंत्री का परिवार!
ओली सरकार के मंत्री और उनके परिवार के लोग चॉपर की रस्सी से लटक कर भाग रहे हैं। एक वीडियो में इस बात का खुलासा हुआ है। सेना के चॉपर कुछ मंत्रियों और उनके परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने में कामयाब रहे। अधिकारियों के साथ चॉपर काठमांडू के एक होटल के ऊपर उड़ रहा था।
