प्रेस ब्रीफिंग पर आईएसपीआर की अजीब टिप्पणी पर सोशल मीडिया पर हुई किरकिरी
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
`ऑपरेशन सिंदूर’ की रणनीतिक चोट से अब तक पाकिस्तान उबर नहीं पाया है। इसलिए अब उसकी बेचैनी भारतीय सैन्य अधिकारियों की भाषा तक पहुंच गई है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने जिस सख्ती और स्पष्टता के साथ दुनिया के सामने अपना पक्ष रखा, उससे पाकिस्तान की बौखलाहट खुलकर सामने आ गई। भारतीय सेना, नौसेना और वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों की प्रेस ब्रीफिंग में अंग्रेजी के इस्तेमाल पर आईएसपीआर ने सवाल उठाकर खुद अपनी किरकिरी करा ली। हैरानी की बात यह रही कि पाकिस्तान के भीतर ही सोशल मीडिया यूजर्स ने इस बयान को कॉमेडी बताते हुए मजाक उड़ाया। सैन्य तथ्यों और आतंकवाद पर जवाब देने के बजाय भाषा पर बहस छेड़कर पाकिस्तान ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश में जुटा है। एक रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग आईएसपीआर के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने सवाल उठाया कि भारतीय सैन्य अधिकारी अंग्रेजी में क्यों बोल रहे थे। पाकिस्तान की प्रेस कॉन्प्रâेंस में सैन्य तथ्यों या रणनीतिक मुद्दों की बजाय भारतीय अधिकारियों की भाषा को लेकर टिप्पणी की गई। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की काफी किरकिरी होने लगी।
हास्यास्पद लगी पाकिस्तान की यह आपत्ति
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर अंग्रेजी संवाद की स्वीकृत और प्रभावी भाषा मानी जाती है। भारत अक्सर वैश्विक समुदाय तक अपनी बात पहुंचाने के लिए अंग्रेजी का इस्तेमाल करता है। ऐसे में पाकिस्तान की यह आपत्ति कई लोगों को अनावश्यक और हास्यास्पद लगी। पूरे विवाद ने यह साफ कर दिया कि `ऑपरेशन सिंदूर’ की वर्षगांठ पर पाकिस्तान सैन्य संदेश से ज्यादा प्रतीकों और भाषा की बहस में उलझा दिखाई दिया।
