– शव को बक्से में भरकर जलाया
झांसी में प्रीति मर्डर केस में हर दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। इस मामले में आरोपी रिटायर्ड रेलकर्मी राम सिंह परिहार (६४) के कबूलनामे ने पुलिस को भी हैरान कर दिया है। आरोपी ने पुलिस के सामने ये स्वीकार किया कि उसने प्रीति की हत्या कर शव को जला दिया। उसे अपने किए पर कोई अफसोस नहीं है।
नंदनपुरा निवासी राम सिंह परिहार वर्ष २०२२ में रेलवे से एमसीएम वरिष्ठ टेक्नीशियन के पद से रिटायर हुआ था। पुलिस पूछताछ में उसने बताया कि पिछले करीब दस वर्षों से उसका प्रीति (३२) के साथ प्रेम संबंध था और दोनों पति-पत्नी की तरह साथ रह रहे थे। राम सिंह का आरोप है कि इस दौरान प्रीति उससे लाखों रुपए ले चुकी थी और उसकी पूरी पेंशन भी खर्च करवा चुकी थी। इसके बावजूद प्रीति का एक ब्यूटी पार्लर मालिक से प्रेम संबंध चल रहा था, जिसकी जानकारी उसे बाद में हुई।
झूठे रेप केस में फंसाने की दी धमकी
आरोपी के अनुसार, जब उसने इस रिश्ते का विरोध किया तो प्रीति उसे झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी देने लगी। हाल के दिनों में वह उससे लगातार तीन लाख रुपए की मांग कर रही थी। राम सिंह ने दो लाख रुपए देने की बात कही और पैसों की व्यवस्था भी कर ली थी, लेकिन प्रीति तीन लाख रुपए पर अड़ी रही। इसी पैसों और अवैध संबंधों के विवाद ने हत्या का रूप ले लिया।
कुल्हाड़ी से किया वार
राम सिंह ने पुलिस को बताया कि ८ जनवरी को उसने और प्रीति ने साथ बैठकर शराब पी थी। इसी दौरान पैसों को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर उसने कुल्हाड़ी से प्रीति के सिर पर वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से प्रीति की मौके पर ही मौत हो गई। हत्या के बाद वह कई दिनों तक शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाता रहा। बाद में उसने अपने बेटे से एक बड़ा बक्सा और करीब दो कुंतल लकड़ियां मंगवाईं। बक्से में लकड़ियां भरकर उसने शव को जलाया। आरोपी का दावा है कि करीब तीन घंटे में लाश पूरी तरह जल गई।
शव जलाकर मुंडन कराया
आरोपी ने पुलिस को बताया कि प्रीति का शव जलाकर उसने मुंडन कराया और जली हुई अस्थियों को एक बोरी में भर लिया। उसका इरादा प्रयागराज जाकर गंगा में अस्थियां प्रवाहित करने और फिर आत्महत्या करने का था। १७ जनवरी की देर रात वह अधजले अवशेष और राख को नीले रंग के बक्से में भरकर ठिकाने लगाने निकला। उसने एक लोडिंग वाहन बुक किया, लेकिन बक्से से बदबू आने और पानी टपकने पर चालक को शक हो गया। चालक ने तुरंत पुलिस को सूचना दे दी। मामले का खुलासा करने वाली पुलिस टीम और सूचना देने वाले लोडर चालक को इनाम देने की घोषणा की गई है। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि गिरफ्तारी के बाद भी राम सिंह के चेहरे पर कोई पश्चाताप नहीं दिखा। वह मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए मुस्कुराता रहा और बार-बार कहता रहा कि उसे अपने किए पर कोई अफसोस नहीं है।
