सामना संवाददाता / मुंबई
शिवसेना के छह सांसदों के संभावित पाला बदलने की चर्चाओं ने महाराष्ट्र की राजनीति में नई उथल-पुथल पैदा कर दी है। हालांकि, अभी तक किसी सांसद ने आधिकारिक रूप से पार्टी छोड़ने की घोषणा नहीं की है, लेकिन इन अटकलों के बीच पार्टी नेतृत्व सक्रिय हो गया है और संगठन को एकजुट रखने की कोशिशें तेज कर दी गई हैं।
इस बीच अब एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने दल-बदल की राजनीति का विरोध करते हुए कहा कि जो जनप्रतिनिधि मतदाताओं के विश्वास के साथ विश्वासघात करते हैं, उन्हें राजनीतिक रूप से जवाब दिया जाना चाहिए। पवार ने कहा कि यदि कोई जनप्रतिनिधि बेईमानी करता है तो उसे खुली छूट नहीं मिलनी चाहिए। उसके खिलाफ जनता के बीच जाकर राजनीतिक लड़ाई लड़नी चाहिए। आवश्यकता पड़ी तो मैं स्वयं भी ऐसी सभाओं में शामिल होने के लिए तैयार हूं। उसके क्षेत्र में सभा की जाएगी और जनता से सीधा संवाद किया जाएगा।
