मुख्यपृष्ठनए समाचारवाह रे, दिवालिया ‘महायुति’ का कारोबार ...अस्पतालों में दवाओं का टोटा!

वाह रे, दिवालिया ‘महायुति’ का कारोबार …अस्पतालों में दवाओं का टोटा!

– चिकित्सा अधिकारियों की ट्रेनिंग पर लाखों का खर्च
– एक दिन में उड़ेंगे `१० लाख, ५ दिन चलेगा प्रशिक्षण

धीरेंद्र उपाध्याय / मुंबई
पैसे के अभाव में महाराष्ट्र के अस्पतालों में दवाओं का टोटा है। मगर मरीजों की इस बेहाली के बीच ‘दिवालिया’ महायुति सरकार फिजूलखर्ची करने से बाज नहीं आ रही है। इसके तहत चिकित्सा अधिकारियों की ट्रेनिंग के नाम पर लाखों रुपए खर्च करने जा रही है। एक ओर जहां अस्पतालों में दवाएं नहीं हैं, वहीं एक दिन में १० लाख रुपए उड़ाने का इंतजाम इस सरकार ने किया है। इसके तहत कुल पांच दिनों में ६३.९७ लाख रुपए खर्च करने की योजना बनाकर जनता की गाढ़ी कमाई बर्बाद करने का प्लान बनाया गया है। इसे लेकर बाकायदा शासनादेश जारी कर दिया गया है। इसके तहत सरकारी खजाने से हर दिन ३० मेडिकल अफसरों को ट्रेनिंग मुहैया कराई जाएगी। ‘महायुति’ सरकार के स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी शासनादेश में कहा गया है कि नई दिल्ली की पब्लिक हेल्थ फाउंडेशन ऑफ इंडिया को मेडिकल अफसरों के प्रशिक्षण पर हर सत्र के लिए १०.५० लाख रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें ट्रेनिंग फीस, साहित्य, पुस्तिकाएं, प्रवास और निवास का खर्च शामिल है। इसके अलावा नागपुर स्थित सार्वजनिक आरोग्य संस्थान को रहने-खाने और कार्यालयीन खर्च के लिए ११.४७ लाख रुपए और दिए जाएंगे। इस तरह कुल ६३.९७ लाख रुपए सिर्फ छह दिन की ‘लक्जरी ट्रेनिंग’ पर लुटाए जाएंगे। महायुति सरकार का दावा है कि इस ट्रेनिंग से वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों की प्रबंधन और नेतृत्व क्षमता बढ़ेगी, लेकिन हकीकत यह है कि लाखों रुपए के इस खर्च से जमीन पर स्वास्थ्य सेवाओं की दशा जस की तस रहने वाली है।

 

 

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