बीच सड़क धंसा `विकास’
पहली बारिश भी नहीं झेल पाया दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे
१४ अप्रैल को पीएम मोदी ने किया था उद्घाटन
कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि १२,००० करोड़ रुपए की लागत से बने एक्सप्रेसवे में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला सामने आया है।
१२,००० करोड़ रुपए से बने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर बारिश के बाद बड़े-बड़े गड्ढे बन गए जिसका वीडियो वायरल है। इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन १४ अप्रैल को ही हुआ था। वीडियो में एक शख्स गड्ढों के चलते अपनी कार के क्षतिग्रस्त पहिए दिखा रहा है। एक यूजर ने कमेंट कर कहा, `इसे बनने में लगभग ५ साल लगे और पहली मॉनसूनी बारिश नहीं झेल पाया।’
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन किए गए इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर महज दो महीने के भीतर बड़े-बड़े गड्ढे दिखाई देने लगे हैं, जो निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए आरोप लगाया कि १२,००० करोड़ रुपए की लागत से बने एक्सप्रेसवे में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और सरकारी धन के दुरुपयोग का मामला सामने आया है। कांग्रेस का कहना है कि १४ अप्रैल २०२६ को उद्घाटन किए गए इस एक्सप्रेसवे की हालत इतनी जल्दी खराब होना इस बात का संकेत है कि निर्माण में गुणवत्ता से समझौता किया गया। पार्टी ने आरोप लगाया कि यह कोई अकेला मामला नहीं है, बल्कि देशभर में पुलों, सड़कों, हाईवे, रेलवे स्टेशनों, एयरपोर्ट और अन्य सार्वजनिक परियोजनाओं में भी इसी तरह की खामियां सामने आ रही हैं। उल्लेखनीय है कि २१३ किलोमीटर लंबे छह लेन वाले दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने १४ अप्रैल को किया था। उस समय इसे उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर के लिए विकास की नई धुरी बताते हुए दावा किया गया था कि इससे यात्रा का समय घटेगा, ईंधन की बचत होगी और व्यापार व लॉजिस्टिक्स को नई गति मिलेगी।
कांग्रेस बोली, ‘भ्रष्टाचार का हाईवे’
कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भ्रष्टाचार और लापरवाही की कीमत आम जनता को चुकानी पड़ रही है। विपक्ष ने सरकार से पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराने, निर्माण एजेंसी और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कांग्रेस का आरोप है कि जनता के टैक्स के पैसे से बनने वाली परियोजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने में सरकार पूरी तरह विफल रही है।
