-२९ विद्यार्थियों को दिए शून्य अंक, एलएलएम प्रवेश पर संकट
-छात्रों के समर्थन में आगे आई शिवसेना
जेदवी / मुंबई
मुंबई विश्वविद्यालय के तृतीय वर्ष विधि (लॉ) पाठ्यक्रम के परिणाम में सामने आई गंभीर तकनीकी खामियों ने विश्वविद्यालय की परीक्षा प्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। परिणाम में २९ विद्यार्थियों को शून्य अंक दिए जाने का मामला सामने आया है, जिससे छात्रों और अभिभावकों में भारी नाराजगी है। इस गड़बड़ी के कारण कई मेधावी विद्यार्थी अनुत्तीर्ण घोषित हो गए हैं और उनके सामने एलएलएम की आगे की पढ़ाई का संकट खड़ा हो गया है।
मामले की शिकायत शिवसेना नेता, युवासेनाप्रमुख व विधायक आदित्य ठाकरे तक पहुंचने के बाद शिवसेना छात्रों के समर्थन में आगे आई है। युवासेना के सीनेट सदस्य प्रदीप सावंत, मिलिंद साटम, परम यादव, किसन सावंत और स्नेहा गवली तथा पूर्व सीनेट सदस्य राजन कोलंबेकर ने मुंबई विश्वविद्यालय के उप कुलपति डॉ. अजय भामरे से मुलाकात कर पूरे मामले की तत्काल जांच और परिणाम पुन: घोषित करने की मांग की।
युवासेना प्रतिनिधियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष कहा कि पांचों सेमेस्टर में अच्छे अंक प्राप्त करने वाले और एलएलएम-सीईटी में बेहतर प्रदर्शन करनेवाले कई विद्यार्थियों को शून्य अंक दिए गए हैं। इसके कारण वे एलएलएम प्रवेश प्रक्रिया से वंचित होने की स्थिति में पहुंच गए हैं। अभी भी बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं।
मामला तब उजागर हुआ, जब प्रभावित विद्यार्थियों ने युवासेना के सीनेट सदस्यों से संपर्क किया। इसके बाद संबंधित उत्तरपुस्तिकाओं की तत्काल पुनर्जांच शुरू की गई।
विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़
युवासेना ने आरोप लगाया कि जल्दबाजी में परिणाम घोषित करने के प्रयास में विश्वविद्यालय ने विद्यार्थियों के भविष्य को दांव पर लगा दिया है। सवाल यह भी उठ रहा है कि यदि छात्रों को स्वयं आगे आकर अपनी उत्तरपुस्तिकाओं की पुनर्जांच की मांग करनी पड़ रही है तो विश्वविद्यालय की परीक्षा और मूल्यांकन प्रणाली कितनी विश्वसनीय है।
