-फिर वॉर के मूड में `सुपरपॉवर’ ईरान के बाद
-पनामा नहर पर चीन के बढ़ते प्रभाव को लेकर ट्रंप का
आक्रामक रुख
-चीन को दे डाली सीधी चेतावनी
एजेंसी / नई दिलली
ईरान के बाद अब चीन को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आक्रामक तेवरों ने दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। पनामा नहर पर चीन के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ ट्रंप की सीधी चेतावनी से महाशक्तियों के बीच टकराव और वैश्विक तनाव गहराने की आशंका तेज हो गई है। इसीके साथ ही महायुद्ध का खतरा एक बार फिर से गहरा गया है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने पनामा नहर पर चीन के बढ़ते प्रभाव को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा है कि अमेरिका इस रणनीतिक जलमार्ग पर चीन का दबदबा किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगा। उनके इस बयान के बाद वैश्विक राजनीति में तनाव बढ़ गया है और इसे अमेरिका-चीन प्रतिद्वंद्विता के नए चरण के रूप में देखा जा रहा है। थियोडोर रूजवेल्ट प्रेसिडेंशियल लाइब्रेरी के उद्घाटन समारोह में ट्रंप ने १९७७ की टोरिजोस-कार्टर संधि के तहत पनामा नहर का नियंत्रण पनामा को सौंपने के पैâसले को `बेवकूफी भरा’ बताया। उनका आरोप है कि चीन इस रणनीतिक मार्ग पर अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, जिसे अमेरिका अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक हितों के लिए खतरा मानता है। पनामा नहर वैश्विक व्यापार की सबसे महत्वपूर्ण जलमार्गों में से एक है।
महाशक्तियों के टकराव से फिर दहलेगी दुनिया
वैश्विक व्यापार की जीवनरेखा मानी जाने वाली पनामा नहर को लेकर दोनों महाशक्तियों के बीच पैदा हुआ यह टकराव अब एक नए अंतर्राष्ट्रीय संकट का रूप ले चुका है। कूटनीतिक गलियारों और डिफेंस एक्सपर्ट्स के बीच इस बात का डर तेजी से गहरा रहा है कि लैटिन अमेरिका में प्रभाव जमाने की यह जंग कहीं दोनों परमाणु संपन्न देशों को एक भीषण महायुद्ध की तरफ न धकेल दे, जिसने इस समय पूरी दुनिया को बेहद तनाव और खौफ के माहौल में धकेल दिया है।
