सामना संवाददाता / भिवंडी
भिवंडी में जिस प्रकार से बच्चों के लापता होने की घटनाएं बढ़ रही हैं, उससे भिवंडीवासियों की चिंता दिनों-दिन बढ़ती जा रही है। भिवंडी में पिछले छह महीने में १४२ बच्चे लापता हुए हैं, जिनमें ४७ लड़कों और ९५ में लड़कियों का समावेश है। गायब होने वाले बच्चों में नाबालिग बच्चों की संख्या अधिक बताई जा रही है। हालांकि, भिवंडी पुलिस ने १२६ बच्चों को ढूंढकर उनके माता-पिता को सौंप दिया है। भिवंडी शहर में पिछले कई महीनों से नाबालिग बच्चों की गुमशुदगी की शिकायतें आ रही थीं। बच्चों के लापता होने की शिकायतों में वृद्धि होने से पुलिस के सामने उन्हें ढूंढने की बड़ी चुनौती थी। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज किया और तकनीकी व्यवस्था और सीसीटीवी फुटेज की मदद से बच्चों की तलाश शुरू की। अपने अनुभव, कड़ी मशक्कत और खुफिया सूत्रों की बदौलत १४२ लापता बच्चों में से १२६ को ढूंढने में पुलिस सफल रही है। जांच में पता चला कि ये बच्चे माता-पिता से झगड़े, प्यार के झूठे वादे, परीक्षा परिणाम में कम अंक जैसे विभिन्न कारणों से घर छोड़कर चले गए थे। पुलिस ने बच्चों की काउंसलिंग करने के बाद उन्हें उनके माता-पिता को सौंप दिया।
लड़कियों को अन्य राज्यों से किया रेस्क्यू
पुलिस जांच में पता चला है कि लापता ९५ लड़कियों में से कई को प्रेम जाल में फंसाकर दूसरे राज्यों में ले जाया गया था। इन लड़कियों को ढूंढने के लिए पुलिस ने दूसरे राज्य के पुलिस बल की मदद ली। जांच-पड़ताल और गहन छानबीन के बाद पुलिस ने ९५ लड़कियों को रेस्क्यू कर उनके माता-पिता को सौंप दिया।
