रवीन्द्र मिश्रा / मुंबई
नवी मुंबई। बदलते डिजिटल युग में शिक्षा को और प्रभावी बनाने के लिए रयत शिक्षा संस्थान ने बड़ा कदम उठाया है। संस्थान ने अपने सभी स्कूलों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित इंटरएक्टिव पैनल की शिक्षा शुरू करने का फैसला लिया है। इसी क्रम में सोमवार 18 नवंबर को नायगांव पूर्व के कर्मवीर भाऊराव पाटील विद्यालय में मुंबई के पांच अलग-अलग स्कूलों के 80 शिक्षकों के लिए एक दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्घाटन रयत शिक्षा संस्थान के सदस्य विनय पाटिल ने किया। इस मौके पर रायगढ़ विभाग के सहायक विभागीय अधिकारी विलासराव जगताप, पुणे की लॉजिक कंपनी के विशेषज्ञ मिलन वावल और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
प्रशिक्षण में शिक्षकों को AI-संचालित इंटरएक्टिव पैनल के इस्तेमाल, कंटेंट क्रिएशन, छात्रों के साथ इंटरएक्टिव लेसन प्लानिंग और आधुनिक क्लासरूम मैनेजमेंट की बारीकियां सिखाई गईं। मिलन वावल ने डेमो के जरिए दिखाया कि कैसे एक क्लिक पर पूरा पाठ्यक्रम एनिमेटेड रूप में छात्रों के सामने जीवंत हो जाता है और बच्चे खुद प्रयोग करके सीख सकते हैं।
विनय पाटिल ने कहा, “आज का छात्र सिर्फ रटंत विद्या नहीं, बल्कि समझकर सीखना चाहता है। AI इंटरएक्टिव पैनल से शिक्षक आसानी से जटिल विषयों को रोचक बना सकेंगे। हमारा लक्ष्य है कि संस्थान के हर स्कूल में अगले सत्र से यह सुविधा शुरू हो जाए।”
वाशी हाईस्कूल के शिक्षक तुषार म्हात्रे और जूचंद्र विद्यालय के संजय म्हात्रे ने अपने विचार रखते हुए कहा कि यह तकनीक शिक्षकों का काम आसान करने के साथ-साथ बच्चों में रचनात्मकता और तार्किक सोच भी बढ़ाएगी।
प्रशिक्षण शिविर रायगढ़ कामोठे शाखा की ओर से आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती तृप्ति राऊत ने कुशलतापूर्वक किया जबकि कर्मवीर विद्यालय की शिक्षिका श्रीमती कविता पाटिल ने सभी अतिथियों व प्रशिक्षकों का आभार व्यक्त किया।
संस्थान के अधिकारियों ने बताया कि दिसंबर तक सभी स्कूलों में इंटरएक्टिव पैनल लगाने का काम पूरा हो जाएगा और जनवरी से शिक्षक इन्हें रोजाना कक्षाओं में इस्तेमाल करना शुरू कर देंगे। इस पहल से संस्थान के हजारों छात्र-छात्राओं को आधुनिक व विश्वस्तरीय शिक्षा मिल सकेगी।
शिविर में शामिल शिक्षकों ने इसे ‘शिक्षण क्रांति की शुरुआत’ बताया और उत्साह के साथ नई तकनीक को अपनाने का संकल्प लिया।
