राधेश्याम सिंह
विरार: वसई-विरार शहर के कई इलाकों में जलजमाव और गंदगी की समस्या दिनोंदिन गंभीर होती जा रही है। बारिश के पानी की समुचित निकासी की व्यवस्था न होने के कारण गलियों और सड़कों पर गंदा पानी जमा हो गया है। इसका सीधा असर स्वास्थ्य पर पड़ रहा है — मच्छरों की भरमार से डेंगू, मलेरिया और वायरल बुखार जैसी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं।
महानगरपालिका अस्पतालों से लेकर निजी अस्पतालों तक मरीजों की कतारें लग गई हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जून महीने में अब तक मलेरिया के 7 और डेंगू के 5 मरीज सामने आ चुके हैं। स्थानीय लोग इस स्थिति के लिए महानगरपालिका को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर सफाई नहीं होने और फॉगिंग अभियान में लापरवाही के चलते हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। स्थानीय नागरिक संगीता इंद्रजीत ने बताया कि रात के समय कुछ लोग खुले में कचरा फेंक देते हैं, जिससे गंदगी और अधिक फैल रही है।
नालासोपारा (पूर्व) के साईंनाथ नगर में गटर का पानी बिल्डिंगों के आस-पास जमा हो गया है, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है। नागरिकों की मांग है कि गटर के पानी की निकासी व्यवस्था तत्काल दुरुस्त की जाए।
वसई, विरार और नालासोपारा के नागरिक मच्छरों के आतंक से बुरी तरह परेशान हैं। फॉगिंग और एंटी-लार्वा स्प्रे न होने से मच्छरों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। नागरिकों ने मांग की है कि यह कार्य नियमित रूप से किया जाए, और कचरा प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाए।
नालासोपारा विधानसभा क्षेत्र के शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) संघटक सुरेंद्र सिंह राज ने मनपा अधिकारियों से मांग की है कि जिन वार्डों में पानी जमा हो रहा है, वहां तुरंत सर्वेक्षण कर जल निकासी करवाई जाए। साथ ही, जिन ठेकेदारों द्वारा सफाई कार्य नहीं किया जा रहा है, उन पर कार्रवाई करते हुए उन्हें ब्लैकलिस्ट किया जाए।
मनपा की ओर से डॉ. स्मिता वाघमारे ने जानकारी दी कि एक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें घर-घर जाकर लोगों को जानकारी दी जा रही है, पोस्टर-बैनर लगाए जा रहे हैं, स्कूलों और सार्वजनिक स्थानों पर सूचना सत्र आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि लार्वा निरीक्षण और फॉगिंग कार्य भी किया जा रहा है। मनपा ने नागरिकों से अपील की है कि वे कचरा खुले में न फेंकें और केवल निर्धारित कूड़ेदानों में ही डालें।
