सुनील ओसवाल / मुंबई
महाराष्ट्र की महायुति सरकार के मंत्रियों के विवादित बयानों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट के एक गैरजिम्मेदार और विवादस्पद बयान का है, जिसने सरकार को एक बार फिर मुश्किल में डाल दिया है।
कुछ ही दिन पहले मंत्री माणिकराव कोकाटे को ताश खेलते वीडियो वायरल होने और आपत्तिजनक बयान के बाद कृषि विभाग से हटाकर खेल मंत्रालय सौंपा गया था। अब सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट का अकोला में दिया गया बयान चर्चा के केंद्र में है।
अकोला में सामाजिक न्याय भवन के लोकार्पण समारोह में बोलते हुए शिरसाट ने कहा, `सामाजिक न्याय भवन के छात्रावास के लिए आप ५, १० या १५ करोड़ रुपए जितने भी चाहिए मांगिए, हम तुरंत मंजूरी देंगे। सरकार का पैसा है, हमारे बाप का क्या जा रहा है?’ उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। इस कार्यक्रम में मंच पर भाजपा विधायक हरीश पिंपले, अजीत गुट के विधायक अमोल मिटकरी और कांग्रेस के साजिद खान भी मौजूद थे। इसी मंच से शिरसाट ने अमोल मिटकरी को नसीहत देते हुए कहा, `आप मीडिया को अच्छी टीआरपी दे रहे हैं। ज्यादा बोलिए मत, नहीं तो आपके भी हमारे जैसे हाल हो जाएंगे।’
मुख्यमंत्री की हिदायत दरकिनार
गौरतलब है कि हाल ही में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अपने मंत्रिमंडल के सभी सहयोगियों को संयमित भाषा में बोलने की सख्त हिदायत दी थी। उन्होंने खास तौर पर शिंदे गुट और अजीत पवार गुट के मंत्रियों को आगाह किया था कि उनके बयानों से सरकार की छवि धूमिल हो रही है। इसके बावजूद मंत्रियों के बयान लगातार सरकार की फजीहत करा रहे हैं। अब संजय शिरसाट के `सरकार का पैसा’ वाले बयान ने विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का एक और मौका दे दिया है। राजनीतिक गलियारों में अब चर्चा यह है कि क्या मुख्यमंत्री इस पर कोई सख्त कदम उठाएंगे, या यह बयान भी नजरअंदाज कर दिया जाएगा।
