सामना संवाददाता / मुंबई
उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को सोलापुर में लगातार तीसरे दिन बड़ा झटका लगा है। शिंदे गुट से दो दिन पहले ११ नगरसेवकों के इस्तीफे के बाद अब २२ युवा पदाधिकारियों ने सामूहिक इस्तीफा दिया है। इससे साफ लग रहा है कि आगामी दिनों में सोलापुर में शिंदे गुट साफ हो जाएगा। रविवार को युवासेना के कुल २१ पदाधिकारियों ने अपने-अपने पदों से एक साथ इस्तीफा दे दिया है, जिससे शिंदे गुट में खलबली मच गई है।
शिंदे गुट में आंतरिक गुटबाजी के कारण सोलापुर शहर और जिले में विवाद अब खुलकर सामने आया है। इन सभी २१ पदाधिकारियों ने पूर्व संपर्कप्रमुख शिवाजी सावंत के सम्मान में इस्तीफा देने की बात कही है। शिंदे गुट के सोलापुर जिला संपर्कप्रमुख शिवाजी सावंत ने अचानक अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।
मुझे बिना बताए कर दी जाती हैं नियुक्तियां
इस्तीफा देते समय सोलापुर जिला संपर्कप्रमुख शिवाजी सावंत ने कहा था कि जिले का संपर्कप्रमुख होते हुए भी पार्टी के कामकाज में मुझे विश्वास में नहीं लिया जा रहा है। कई पदाधिकारियों की नियुक्तियां मुझे बताए बिना कर दी गर्इं। मेरे माढा तालुका के तालुकाप्रमुख और शहरप्रमुख की नियुक्तियां भी मेरी जानकारी के बिना हुई हैं। जब पार्टी नेतृत्व को मुझ पर विश्वास ही नहीं है तो मैं जिला संपर्कप्रमुख पद से इस्तीफा दे रहा हूं।
सोलापुर शिंदे गुट के युवा प्रकोष्ठ के शहरप्रमुख समर्थ मोटे, उपजिलाप्रमुख सुनील निंबालकर, उपजिलाप्रमुख अनिकेत सूल, सोशल मीडिया उपजिलाप्रमुख देविदास लिंबोली, सोशल मीडिया शहरप्रमुख अनुपसिंह बायस, उप शहरप्रमुख मयूर झांबरे, मल्लिकार्जून पगडीकर, अनिल माळी, सागर सलगर, विभागप्रमुख प्रशांत लोणार, विश्वास सुरवसे, सुरेश फरड, विनायक म्हेत्रे, पंकज कांबले, ज्ञानेश्वर भंडारे, राज बिडला, प्रवक्ता प्रमोद सलगर, अनिल कोळी, सन्मील येलडी, नामदेव पाटील, आशिष परदेशी, इन सभी ने आज अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।
