मुख्यपृष्ठस्तंभउत्तर प्रदेश से : राजनीतिक रिश्ते की कीमत चुकाते रिंकू!

उत्तर प्रदेश से : राजनीतिक रिश्ते की कीमत चुकाते रिंकू!

रोहित माहेश्वरी

चुनाव आयोग ने क्रिकेटर िंरकू सिंह को मतदाता जागरूकता अभियान से हटाया है, जिसे ‘रूटीन प्रक्रिया’ बताया गया। परंतु समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज से सगाई के तुरंत बाद आया यह फैसला सवाल खड़े करता है। आयोग का कहना है कि किसी राजनीतिक जुड़ाव वाले व्यक्ति को आइकॉन नहीं बनाया जा सकता, जबकि रिंकू ने किसी दल से जुड़ाव या राजनीतिक बयान नहीं दिया। उनकी लोकप्रियता और निष्पक्ष छवि को देखते हुए यह निर्णय सत्ता के दबाव में लिया गया प्रतीत होता है। इससे आयोग की निष्पक्षता पर भी संदेह गहराता है।
‘धर्म में भी अधर्म’
महाकुंभ में भ्रष्टाचार पर अखिलेश का हमला
प्रयागराज में २०२५ के महाकुंभ को लेकर हुए हजारों करोड़ के खर्च पर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि ठेकों में प्रधान ठेका, उपठेका और जनप्रतिनिधियों की हिस्सेदारी के चलते भ्रष्टाचार चरम पर है। सड़कों के धंसने, पुलों और टंकियों के गिरने को इसी भ्रष्ट व्यवस्था का नतीजा बताया। अखिलेश ने सोशल मीडिया पर इसे `भाजपाई करप्शन क्रोनोलॉजी’ करार देते हुए आरोप लगाया कि सरकार धर्म की आड़ में अधर्म कर रही है। उन्होंने इसे भाजपा का नहीं, भ्रष्टाचार का सहकार बताया।
ट्रंप की नीति `आजाद’ प्रहार
आजाद पार्टी के अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को भारत जैसे विकासशील देशों के खिलाफ साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि यह नीति शक्तिशाली वर्गों को लाभ पहुंचाने वाली है और वंचितों को हाशिये पर डालती है। इसकी तुलना करते हुए उन्होंने भारत की `नॉट फाउंड स्यूटेबल’ (र्‍इए) प्रणाली को भी निशाना बनाया, जिसमें आरक्षित वर्ग के योग्य उम्मीदवारों को जानबूझकर बाहर कर दिया जाता है। उन्होंने दोनों नीतियों को समान रूप से अन्यायपूर्ण करार देते हुए इन्हें समाप्त करने की मांग की।

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