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मुस्लिम वर्ल्ड : अल-अक्सा में घुस गए इजरायली मंत्री! …गुस्से से उबले हूती, जबरदस्त बदला

सूफी खान

गाजा में चल रहे हमास इजरायल वॉर के बीच इजरायल की तरफ से फिर वो गलती कर दी गई, जिसकी चिंगारी अरब मुल्कों को भड़का सकती है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल के नेशनल सिक्योरिटी मिनिस्टर इतामार बेन-ग्वीर यरुशलम में अचानक अल-अक्‍सा मस्जिद पहुंच गए। वहां खुलेआम अपनी इबादत को अंजाम दे दिया। इसके बाद मिडिल ईस्‍ट में फिर तनाव बढ़ गया है। इजरायल के इस राइट विंग लीडर के एक्शन को मुस्लिम मुल्कों ने सीधे तौर पर समझौते का उल्लंघन बताया है। जी हां, समझौते के मुताबिक अल अक्सा मस्जिद परिसर मुसलमानों की इबादतगाह है और उसी के करीब यहूदी प्रार्थना स्थल वेस्टर्न वॉल है। ये तय है कि दोनों धर्मों के लोग एक-दूसरे की जगह में नहीं जाएंगे।
मस्जिद अल अक्सा ईस्‍ट यरूशलम में है, जिसे इजरायल ने १९६७ की जंग में जॉर्डन से कब्जा कर हासिल किया। हालांकि, आज भी अल अक्सा की व्यवस्था का जिम्मा जॉर्डन के हाथ में है। लेकिन इतामार बेन-ग्वीर अक्सर अल अक्सा मस्जिद परिसर पहुंचकर इस तरह की कार्रवाई करते हैं। आरोप लगता है कि वो जानबूझकर उकसाने वाली कार्रवाई अंजाम देते हैं। इजरायल में इतामार बेन ग्वीर को कट्टरपंथी नेता माना जाता है, वो बार-बार फिलिस्तीनियों के खिलाफ भड़काऊ बयान देते रहे हैं। इस बार उन्होंने पुलिस सुरक्षा में मस्जिद के भीतर प्रवेश कर खुलेआम प्रार्थना की, जिसका फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। एक्सपर्ट कहते हैं कि इससे ये पैगाम जाता है कि इजरायल की ओर से मुसलमानों के साथ समझौते को धीरे-धीरे तोड़ा जा रहा है।
जॉर्डन जो कि अब भी मस्जिद अल अक्सा का संरक्षक मुल्क है, उसकी तरफ से तुरंत इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी गई है। उसने यहां तक कहा कि‍ ऐसी चीजें बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं। वहीं हमास ने इसे फिलिस्तीनियों के खिलाफ अटैक की नई कोशिश बताया है। दरअसल, मस्जिद अल अक्सा फिलिस्तीन की आजादी के आंदोलन की प्रतीक भी मानी जाती है।
इजरायल के मंत्री के इस कदम से भड़के यमन के हूती लड़ाकों ने एक बार फिर इजरायल के खिलाफ आक्रामक रुख दिखाते हुए लंबी दूरी तक तीन ड्रोन हमले करने का दावा किया। हूती सैन्य प्रवक्ता यह्या सरी के मुताबिक, इनमें दो ड्रोन इजरायल के सैन्य प्रतिष्ठानों याफा और अश्कलोन को निशाना बनाने में सफल रहे, जबकि तीसरा ड्रोन हाइफा के एक बंदरगाह पर गिरा। हूतियों ने इसे ‘सफल अभियान’ बताया है। यमन की सशस्त्र सेनाओं का कहना है कि ये हमला कट्टरपंथी इजरायली मंत्री इतामार बेन-ग्वीर की उस हालिया हरकत के जवाब में था, जब उन्होंने अल-अक्सा मस्जिद परिसर में प्रवेश कर प्रार्थना की। एक ऐसा कदम जिसे फिलिस्तीनी और इस्लामी जगत ‘यथास्थिति’ का उल्लंघन मानते हैं। हूती या अंसारुल्लाह का कहना है कि यह क्षम्य नहीं है और इसकी सजा इजरायल को मिलेगी। जब बवाल मचा तो इजरायली प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से तुरंत सफाई आई कि‍ हमने स्टेटस में कोई बदलाव नहीं किया है।

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