-१२.६८ लाख सीटें अब भी पड़ी हैं खाली
-५,००० से ज्यादा अतिरिक्त शिक्षक होने की आशंका
सामना संवाददाता / मुंबई
राज्यभर में ११वीं कक्षा में प्रवेश के लिए अब ‘मिशन एडमिशन’ अंतिम चरण में पहुंच चुका है। ६ अगस्त को सुबह १० बजे जारी होने वाली मेरिट सूची से पहले छात्रों को ४ और ५ अगस्त के बीच अंतिम मौका दिया गया है, ताकि वे अपने आवेदन में बदलाव कर सकें। ओपन टू ऑल के तहत होने वाला यह राउंड उन सभी छात्रों के लिए आखिरी अवसर है, जिन्हें अब तक कॉलेज आवंटित नहीं हुआ है। फिलहाल, अब भी १२.६८ लाख सीटें खाली हैं। यदि ये सीटें भर नहीं पाईं तो राज्य के करीब ५ हजार शिक्षक अतिरिक्त घोषित किए जा सकते हैं, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है।
इस वर्ष पहली बार पूरी प्रवेश प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से की जा रही है, जिसमें राज्य के ९,५२२ जूनियर कॉलेजों ने भाग लिया है। इन कॉलेजों में कुल २१.५० लाख सीटें उपलब्ध हैं, लेकिन अब तक सिर्फ १४.३८ लाख छात्रों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया है। दो अगस्त तक चार प्रवेश राउंड पूरे हो चुके हैं, जिनमें से ८.८२ लाख छात्रों को ही प्रवेश मिल पाया है। इसका मतलब है कि अब भी १२.६८ लाख सीटें रिक्त हैं। अब इन खाली सीटों को भरने के लिए ओपन टू ऑल प्रवेश राउंड चलाई जा रही है, जिसमें पूरक परीक्षा में उत्तीर्ण हुए छात्र भी भाग ले सकते हैं। ऐसे छात्रों को अपनी पसंद के कॉलेजों का प्राथमिकता क्रम भरना होगा। ६ अगस्त को सुबह १० बजे मेरिट लिस्ट जारी होने के बाद इन छात्रों को आवंटित कॉलेजों में अंतिम रूप से प्रवेश लेने का मौका मिलेगा।
छात्र कर सकते हैं बदलाव
छात्रों के लिए यह जानना जरूरी है कि जुलाई २०२५ में राज्य मंडल द्वारा आयोजित पूरक परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले विद्यार्थी भी इस राउंड में आवेदन कर सकते हैं। जिन्होंने पहले आवेदन किया था, वे भी अपने आवेदन का भाग-१ और भाग-२ फिर से भर सकते हैं। इस ओपन टू ऑल राउंड में आवेदन के भाग-१ में आवश्यकतानुसार बदलाव किया जा सकता है और प्राथमिकता क्रम भी संशोधित किया जा सकता है। वहीं जिन्होंने अब तक रजिस्ट्रेशन नहीं किया है, वे भी पहली बार आवेदन और कॉलेज विकल्प भर सकते हैं।
…तो शिक्षा पर पड़ सकता है असर
फिलहाल, हालात ऐसे बने हैं कि एडमिशन के चार राउंड के बाद भी साढ़े बारह लाख से ज्यादा सीटें खाली रह गई हैं, जिससे कई कॉलेजों को अपेक्षित संख्या में छात्र नहीं मिल पाए हैं। आगामी सितंबर में आधार वैध विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर शैक्षणिक वर्ष २०२५-२६ की समूह मान्यता दी जाएगी। अगर प्रवेश की संख्या कम रही, तो राज्यभर के करीब ५,००० अनुदानित शिक्षक अतिरिक्त घोषित किए जा सकते हैं। लगातार तीन वर्षों तक यही स्थिति बनी रही तो संबंधित कॉलेजों की मान्यता भी रद्द की जा सकती है। प्रवेश प्रक्रिया के समापन के बाद जिन कॉलेजों में ४० फीसदी से कम प्रवेश हुए हैं, उनकी जांच की जाएगी।
