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हनी ट्रैप की कड़वी लड़ाई … सीएम डाल रहे हैं पर्दा, मंत्री कर रहे जांच की मांग … विखे पाटील ने फडणवीस का सिरदर्द बढ़ाया

सामना संवाददाता / मुंबई
पिछले कुछ दिनों से हनी ट्रैप मामले को लेकर महायुति सरकार घिरी हुई है। विपक्ष ने सरकार के मंत्रियों एवं अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया है। इस मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस जहां पर्दा डालने में लगे हैं, वहीं महायुति के अपने ही मंत्री इस मामले को हवा देकर सरकार को मुश्किल में डाल रहे हैं। वरिष्ठ मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील ने हनी ट्रैप मामले में जांच कराने का समर्थन किया है।
राज्य के जलसंपदा मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील ने स्वीकार किया कि इस मामले में सत्ताधारी नेता और मंत्री भी हो सकते हैं। विपक्ष के लोग भी फंसे हो सकते हैं। ऐसे में इस मामले की निष्पक्ष जांच होना बेहद जरूरी है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को चाहिए कि इस विषय की गंभीरता को समझते हुए निष्पक्षता से जांच कराएं।
हनी ट्रैप मामले का सच आना चाहिए सामने
गहराई से हो मामले की जांच -विखे पाटील
विखे पाटील ने कहा कि नाशिक के हनी ट्रैप मामले की जांच किसी ने भी नहीं रोकी है। इस हनी ट्रैप मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस स्वयं विशेष ध्यान दे रहे हैं इसलिए इस मामले की गहराई से जांच होना जरूरी है। इस प्रकरण का सच सामने आना चाहिए। इस मामले में चाहे वर्तमान या पूर्व मंत्री हों या कोई और सभी की जांच होनी चाहिए। ऐसा मत जलसंपदा मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटील ने व्यक्त किया।
नाशिक में उल्हास-वैतरणा-कोकण-गोदावरी नदी जोड़ परियोजना कार्यालय के उद्घाटन के अवसर पर जलसंपदा मंत्री विखे पाटील बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न मुद्दों पर बोलते हुए नाशिक के हनी ट्रैप मामले पर भी प्रतिक्रिया दी, लेकिन उनके इस बयान ने सीएम फडणवीस के लिए मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नाशिक के हनीट्रैप प्रकरण में राज्य के ७२ अधिकारी और वर्तमान-पिछले मंत्री फंसे होने की कथित खबर सामने आने के बाद राज्यभर में इसकी चर्चा शुरू हो गई।
विपक्ष की मांग
विपक्ष ने विधानसभा के मानसून सत्र में इस मामले की गहराई से जांच की मांग की, लेकिन इस मामले में आधिकारिक रूप से कोई शिकायत नहीं आने के कारण हनी ट्रैप में वास्तव में कौन फंसा, उनके नाम सामने नहीं आए हैं।
इस मामले में राजनीतिक नेता और सरकारी अधिकारी ही नहीं, बल्कि कुछ चिकित्सा और अन्य क्षेत्रों से जुड़े लोग भी फंसे होने की बात कही जा रही है। इनमें से कुछ को इसकी कीमत भी चुकानी पड़ी है। ऐसी भी चर्चा है।

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