सामना संवाददाता / मुम्बई
राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस अपनी सरकार में बड़बोले मंत्रियों से भले ही परेशान हैं, लेकिन खुले तौर पर वे उन मंत्रियों के बचाव में दिखे। एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा है कि मंत्री अपने भाषणों में कभी-कभी मजाक में भी कुछ बातें कहते हैं। अगर हम हर बात को लेकर बवाल मचाने लगें तो यह सही नहीं होगा। मंत्री संजय शिरसाट और मेघना बोर्डीकर के बयानों पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में वे बोल रहे थे।
मुख्यमंत्री फडणवीस ने कहा कि उन्हें संजय शिरसाट का बयान गलत नहीं लगा। उन्होंने बताया कि मेघना बोर्डीकर से भी इस विषय पर बात हुई है और मीडिया द्वारा उनके बयान को अधूरा दिखाया गया है। मुख्यमंत्री फडणवीस ने इन बयानों पर बचाव करते हुए कहा कि हर बात को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना या राजनीतिक हथियार बनाना ठीक नहीं, और कुछ बयानों को मजाक के तौर पर लिया जाना चाहिए।
बोर्डिकर ने अधिकारी को थप्पड़ मारने की बात कही थी
राज्य की स्वास्थ्य राज्यमंत्री और परभणी की पालकमंत्री मेघना बोर्डीकर का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे एक कार्यक्रम में एक ग्रामसेवक को थप्पड़ मारने की धमकी दे रही थीं। यह वीडियो राष्ट्रवादी कांग्रेस के विधायक रोहित पवार ने ट्विटर पर पोस्ट किया था, जिससे राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई थी।
संजय शिरसाट ने क्या कहा था?
राज्य के सामाजिक न्याय मंत्री संजय शिरसाट ने अकोला में कहा था कि छात्रावास के लिए आप ५, १० या १५ करोड़ की जितनी भी रकम मांगो, हम तुरंत मंजूर कर देंगे। सरकार का पैसा है, हमारे बाप का क्या जा रहा है? इस बयान को लेकर भारी आलोचना हुई।
