मुख्यपृष्ठधर्म विशेषसावन में शुभ है पारद शिवलिंग पूजन

सावन में शुभ है पारद शिवलिंग पूजन

हर इंसान चाहता है कि उसकी आमदनी बढ़ती रहे लेकिन यह संभव नहीं है। कई बार अधिक मेहनत करने के बाद भी उसका फल नहीं मिल पाता। यदि आप चाहते हैं कि आपकी इंकम बढ़ जाए तो सावन के महीने में ये उपाय करें-
सावन में पारद शिवलिंग की स्थापना करें और उसका यथाविधि पूजन करें। इसके बाद नीचे लिखे मंत्र का १०८ बार जप करें-
ऐं ह्रीं श्रीं ॐ नम: शिवाय: श्रीं ह्रीं ऐं
प्रत्येक मंत्र के साथ बिल्वपत्र पारद शिवलिंग पर चढ़ाएं। बिल्वपत्र के तीनों दलों पर लाल चंदन से क्रमश: ऐं, ह्री, श्रीं लिखें। यह प्रयोग पूरे सावन महीने तक करना है। अंतिम दिन जो १०८ वां बिल्वपत्र रहे, उसे शिवलिंग पर चढ़ाने के बाद निकाल लें तथा उसे अपने पूजन स्थान पर रखकर प्रतिदिन उसकी पूजा करें। शीघ्र ही आपकी इंकम बढ़ने लगेगी। शास्त्रों के मुताबिक पंचाक्षरी मंत्र का स्मरण व्यक्ति के जीवन में हर काम और इच्छा को पूरा करने वाला होता है। इस मंत्र के ध्यान मात्र से ही शिव भक्त के जीवन से सारे कलह मिट जाते हैं। शिव की महिमा उजागर करते शिव महापुराण में पंचाक्षरी मंत्र के जप व स्मरण से जल्द और मनचाहे नतीजों के लिए कुछ खास नियमों का पालन जरूरी बताया गया है।
इस मंत्र को गुरु से प्राप्त करें। इससे यह मंत्र जप ज्यादा असरदार और मंगलकारी होता है। देवालय, तीर्थ या घर में साफ, शांत व एकांत जगह बैठकर मंत्र जप करें। पंचाक्षरी मंत्र यानी नम: शिवाय के आगे हमेशा ॐ लगाकर जप करें। यह षडाक्षरी मंत्र बन जाता है। किसी भी हिंदू माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि यानी पहले दिन से कृष्णपक्ष की चतुर्दशी तिथि यानी चौदहवें दिन तक मंत्र जप करें। नियत संख्या में पंचाक्षरी मंत्र जप की अवधि में व्यक्ति खान-पान, वाणी और इंद्रियों पर पूरा संयम रखें। गुरु, पति, माता-पिता के प्रति सेवाभाव और सम्मान मंत्र जप काल के दौरान न भूलें। हिंदू पंचांग के सावन, माघ माह और भाद्रपद माह में मंत्र जप बहुत शुभ और जल्द मनोरथ पूर्ति करने वाला माना गया है।

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