अनिल मिश्रा / उल्हासनगर
बिना किसी मेडिकल डिग्री के वर्षों से मरीजों का इलाज कर रहे एक फर्जी डॉक्टर को विठ्ठलवाड़ी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी श्रीकृष्ण कुमावत को उल्हासनगर के तालुका न्यायालय ने 8 अगस्त तक पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी कुमावत उल्हासनगर कैंप-4 स्थित एसएसटी कॉलेज के पास ‘साईं क्लिनिक’ नामक निजी क्लिनिक चला रहा था और 2018 से अवैध रूप से चिकित्सा प्रैक्टिस कर रहा था। उसके पास न तो कोई मेडिकल डिग्री है और न ही किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से प्रशिक्षण प्राप्त किया है।
इस अवैध गतिविधि की शिकायत सबसे पहले चिकित्सक डॉ. राकेश गजरे ने की थी, जिन्होंने उल्हासनगर महानगरपालिका और स्वास्थ्य विभाग को कई बार इस बारे में अवगत कराया था। फरवरी 2025 में पहली बार विठ्ठलवाड़ी पुलिस थाने में कुमावत के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, लेकिन इसके बावजूद उसने अपना क्लिनिक बंद नहीं किया।
डॉ. गजरे ने आरोपी द्वारा मरीजों का इलाज करने, इंजेक्शन लगाने और जांच करने के वीडियो सबूत विठ्ठलवाड़ी पुलिस को सौंपे। इन प्रमाणों के आधार पर पुलिस ने दोबारा मामला दर्ज कर, गंभीर धाराओं में कार्रवाई की। इस अपराध में 10 वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अशोक कोली के मार्गदर्शन और पुलिस निरीक्षक चंद्रहार गोडसे के नेतृत्व में गठित टीम ने कुमावत को गिरफ्तार किया।
