सामना संवाददाता / नई दिल्ली
राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और उपसभापति हरिवंश के बीच जोरदार तल्खी देखने को मिली। हरिवंश ने सदन में सीआईएसएफ की तैनाती से जुड़े खड़गे के पत्र पर इतिहास की घटनाओं का जिक्र कर आईना दिखाया और सदन में गतिरोध को अलोकतांत्रिक, नियमों के खिलाफ बताया। इस पर भड़के विपक्ष के नेता ने आसन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए आरोप लगा दिया कि सदन को आप चला रहे हैं या अमित शाह चला रहे हैं।
दरअसल, हुआ यह कि राज्यसभा की कार्यवाही मंगलवार को जब शुरू हुई, आसन से हरिवंश ने लिस्टेड बिजनेस लिए। इसके बाद उन्होंने विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से लिखे गए पत्र का जवाब देना शुरू किया। उन्होंने लगातार गतिरोध को चिंताजनक बताते हुए कहा कि २८ जुलाई को वाईएसआर कांग्रेस के सदस्य जब बोल रहे थे, कुछ सदस्यों ने अपनी सीट से उठकर माइक पर जाकर व्यवधान उत्पन्न किया। हरिवंश ने कहा कि क्या यह सदस्य के विशेषाधिकार का हनन नहीं था? उन्होंने कहा कि ३१ जुलाई को जब एक मंत्री देश से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे पर बयान दे रहे थे, तब भी बाधा डाली गई। कई और सदस्यों के बोलते समय भी माइक में जाकर नारेबाजी की गई। उपसभापति ने कहा कि वेल में जाकर नारे लगाना अनुचित है। यह सदन की गरिमा गिरानेवाला है।
