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वाह रे, महायुति सरकार, मजबूर किसान के साथ `गजब’ मजाक…लातूर के किसान दंपति को थमा दिया बीमार बैल!

-मदद के बजाय लाद दिया इलाज के खर्च का बोझ

-वडेट्टीवार, रोहित पवार ने बोला हमला

सामना संवाददाता / मुंबई

राज्य की गरीब जनता से मदद के नाम पर महायुति सरकार वैâसे मजाक करती है, इसका जीता-जागता उदाहरण दो दिन पहले देखने को मिला है। लातूर जिले के एक गरीब किसान परिवार की मदद के लिए मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद जो बैल किसान को सौंपा गया, वह बेहद बीमार निकला। सीएम फडणवीस ने गरीब किसान को बैल देकर खूब वाह-वाही बटोरी, लेकिन अब उस किसान की समस्या बढ़ गई है।
वह बैल दो दिन के भीतर ही खेत में काम करते समय बैठ गया। पशु चिकित्सकों की जांच में उसके बीमार होने की पुष्टि हुई है। इससे किसान परिवार की मुश्किलें कम होने के बजाय और बढ़ गई हैं। क्योंकि अब किसान को उस बैल के इलाज के लिए भी भारी-भरकम खर्च वहन करना पड़ेगा। पहले से तंगी में जी रहे उस किसान की हालत और खराब होनेवाली है। दरअसल, जिले के बोंबली गांव निवासी किसान काशीनाथ गायकवाड का एक बैल हाल ही में आंधी-तूफान और बिजली गिरने की घटना में मर गया और खूंटे पर एक ही बचा। खेती और बुवाई के मौसम में एक बैल की मौत से परिवार पर संकट टूट पड़ा। हालात इतने खराब हो गए कि एक तरफ एक बैल और दूसरी तरफ किसान की पत्नी को खुद कंधे पर जुआ रखकर खेत का काम करना पड़ा। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला सरकार तक पहुंचा। मुख्यमंत्री के निर्देश के तुरंत बाद जिला प्रशासन ने स्थानीय गौशाला से एक बैल उपलब्ध कराया और इसे किसान की मदद के तौर पर पेश किया गया, लेकिन किसान परिवार की राहत ज्यादा दिन नहीं टिक सकी। खेत की जुताई के दौरान बैल अचानक बैठ गया। देखते-देखते लेट गया।

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