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नॉन-एसी लोकल में दरवाजा लगाना बेवकूफी भरा कदम! …मुंबईकरों ने किया फैसले का विरोध

सामना संवाददाता/ मुंबई
रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष सतीश कुमार तीन दिवसीय दौरे पर मुंबई आए थे। उन्होंने कहा कि दिसंबर तक गैर-वातानुकूलित (नॉन-एसी) लोकल में स्वचालित दरवाजे लगा दिए जाएंगे। लेकिन मुंबईकरों का कहना है कि नॉन-एसी लोकल में स्वचालित दरवाजा लगाना एक बेवकूफी भरा कदम होगा। पहले ही एसी लोकल के कारण उसके पीछे आने वाली लोकल लेट रहती हैं, क्योंकि एसी लोकल के दरवाजे भीड़ की वजह से बंद होने में देर होती है।
यात्रियों का कहना है कि नॉन-एसी लोकल में अगर स्वचालित दरवाजे लगाए गए तो यह ज्यादा दिन तक नही चलेगा। संभावना है कि रेलवे अपने पैâसले को वापस ले ले। रेलवे विशेषज्ञों का मानना है कि नॉन-एसी लोकल में स्वचालित दरवाजे लगाने से पहली समस्या घुटन रहेगी। पीक आवर्स में भीड़ की वजह से बंद डिब्बों में घुटन हो सकती है, हालांकि रेलवे का कहना है कि लोकल ट्रेन में वेंटिलेशन की सुविधा होगी। दूसरी समस्या ट्रेन लेट होने की है, क्योंकि अतिरिक्त भीड़ के कारण ट्रेन के दरवाजे बंद नहीं होंगे। ऐसे में हर स्टेशन पर आरपीएफ, जीआरपी, होमगार्ड के जवानों को तैनात करना होगा, जो दरवाजों पर खड़े यात्रियों को अंदर ठेल सकें। ऐसे में यात्रियों ने मांग की है नॉन-एसी लोकल में स्वचालित दरवाजा लगाने के बजाय सभी लोकल को एसी लोकल में तब्दील कर दिया जाए, इससे यात्रियों को असुविधा नहीं होगी और यात्रा भी सुकूनभरी होगी।

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