फिरोज खान
२५ साल की मन्नत बरेली जिले के मोहल्ला बिहारीपुर वाल्मीकि बस्ती की रहने वाली है। यहीं पर वह अपना ब्यूटी पार्लर भी चलाती है। ओमसरन शादियों में डेकोरेशन का काम करता था। बस शादियों में ही दोनों की मुलाकात हुई और दोनों रिश्ते में आ गए। ओमसरन मन्नत के इश्क में इस कदर दीवाना हुआ कि वह हर पल मन्नत के इर्द-गिर्द मंडराता रहता, जबकि मन्नत शादीशुदा थी और तीन बच्चों की मां थी। फिर भी उसकी सुंदरता और फिगर हर किसी को आकर्षित करते थे, लेकिन अफसोस कि मन्नत के पति को उसकी कद्र नहीं थी। सुंदर पत्नी होने के बावजूद वह बाहर अय्याशी में डूबा रहता था। यहां तक कि वह रात को शराब पीकर आता और पत्नी को मारता-पीटता था। पति की हरकतों से तंग आकर वह एक साल पहले पति से अलग हो गई। तीसरा बच्चा २.५ साल का है और मन्नत के साथ ही रहता है। मन्नत भले ही पति से अलग रहने लगी थी, लेकिन मर्द की कमी ने उसे बेकरार कर रखा था। रात करवटें बदलकर बीतती थी। आखिरकार वह ओमसरन से प्रभावित हुई। अपनी हसरतें पूरी करने के लिए वह ओमसरन से नजदीकियां बढ़ाने लगी। ओमसरन पहले से ही उसकी खूबसूरती का दीवाना हो चुका था।
वे इस कदर बेकाबू हुए कि दोनों ने साथ रहने का पैâसला ले लिया। ओमसरन ने किराए पर अलग कमरा ले लिया और दोनों रिलेशनशिप में रहने लगे। एक दिन मन्नत को पता चला कि ओमसरन शादीशुदा है और उसके बच्चे हैं तो वह आगबबूला हो गई। मन्नत को डर सताने लगा कि पत्नी के लिए वह उसे छोड़ देगा। उसने ओमसरन पर पत्नी को छोड़ने या रास्ते से हटाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। मन्नत के हुस्न पर वह इस कदर फिदा था कि उसे पाने के लिए डरावनी साजिश रच डाली। साजिश के मुताबिक, ओमसरन अपनी पत्नी को घुमाने ले गया। तभी उसने रास्ते में आहिस्ते से पत्नी की पीठ में घोंप दिया।
मरते-मरते पत्नी बोली, मेरे बच्चों का खयाल रखना
दम तोड़ते-तोड़ते वह वह पति से बोली `तुमने विश्वासघात किया, खैर कोई बात नहीं लेकिन मेरे बच्चों का खयाल रखना।’ कत्ल की गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने पुलिस के सामने कहानी बुनी कि लुटेरों ने घटना को अंजाम दिया है। लेकिन पुलिस को उसकी कहानी पर शक हो गया और आखिरकार सच सामने आ गया। पुलिस ने मन्नत को भी उसके घर से गिरफ्तार कर लिया है।
