हिमांशु राज
राजनीति के इस महान रंगमंच पर कई किरदार आते-जाते रहते हैं, पर कुछ घटनाएं ऐसी होती हैं, जो स्क्रिप्ट की बजाय इंप्रोवाइजेशन से इतिहास रच देती हैं। रायबरेली की उसी नीति-नाट्यशाला में स्वामी प्रसाद मौर्य जब मंच पर माला पहन कर आगे बढ़ ही रहे थे कि अचानक `लोकतंत्र के थप्पड़’ ने उन्हें याद दिलाया कि जनता अब सिर्फ मतदान नहीं करती, बल्कि `हाथों से प्रतिक्रिया’ भी दे सकती है। कहानी कुछ यूं थी, `समर्थक फूल बरसा रहे थे, वैâमरे चमक रहे थे, मंच प्रेम और प्रतिबद्धता से लबालब था। तभी एक युवक पीछे से आया और नेता जी के सिर पर ऐसा `जनादेश’ जड़ दिया, जिसे कोई चुनावी सर्वे भांप नहीं पाया था। कहा जा सकता है कि वो थप्पड़ नहीं, एक लाइव पोल था, `आपके बारे में जनता वास्तव में क्या सोचती है?’ थप्पड़ पड़ते ही मंच पर `गणतंत्र की गरिमा’ को बचाने के लिए समर्थकों ने आरोपी युवक को पकड़ लिया और लोकतंत्र के पारंपरिक ढंग से उसे जन क्रोध का प्रमाणपत्र दे डाला। पुलिस भी पहुंची, मगर तब तक जन अदालत अपना पैâसला सुना चुकी थी। अब करणी सेना का नाम आया तो मामला और चटपटा हो गया। करणी सेना बोली, `हम विरोध करते हैं, मगर इतना नजदीक जाकर नहीं!’ मानो कह रही हो, `हम स्क्रिप्ट लिखते हैं, एक्टर बनना मजबूरी नहीं!’ स्वामी प्रसाद मौर्य ने प्रतिक्रिया में इसे लोकतंत्र पर हमला बताया। बिलकुल सही कहा। आखिर गाल पर पड़ा एक थप्पड़, दिल पर पड़े लाखों सवालों से ज्यादा जवाब देता है। ये घटना साबित करती है कि अब जनभावना सिर्फ नारों से नहीं, सीधे हाथों के संकेत से अभिव्यक्त होती है। इस घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर मौर्य ट्रेंड पर थे। कुछ लोग उन्हें पीड़ित बता रहे थे, तो कुछ ने कहा, `वोट से पहले चेकिंग होना जरूरी है!’ राजनीति अब भावनाओं की नहीं, वायरल मोमेंट्स की दौड़ है और इस दौर में जिसने जनता का थप्पड़ खा लिया, समझो उसे मीडिया ने मुफ्त की पब्लिसिटी दे दी। महंगे इश्तहार भाड़ में जाएं, जनादेश अगर सीधे गाल पर मिल जाए, तो नेता को खुद समझना चाहिए। यह कोई साजिश नहीं, एक लाइव फीडबैक है। प्रश्न उठता है कि क्या नेता इतने असंवेदनशील हो गए हैं कि जनता को अब अपनी बात कहने के लिए थप्पड़ उठाने पड़ रहे हैं? या फिर जनता इतनी अधीर हो चली है कि वो सुनने का धैर्य खो चुकी है? जो भी हो, इस थप्पड़ ने नेता जी की लोकप्रियता को नई ऊंचाई ही दी है, भले ही वो ऊंचाई गाल हल्की सूजन से मापी जा रही हो!
