-कल्याण में शांतिदूत सोसाइटी का मामला गरमाया
सामना संवाददाता / मुंबई
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने खुद शिंदे गुट पर डोंबिवली के विकास को प्रभावित करने का अप्रत्यक्ष रूप से आरोप लगाया था। इसके दो दिन बाद ही कल्याण में शांतिदूत सोसाइटी के पुनर्विकास को लेकर भाजपा-शिंदे गुट में फिर से टकराव शुरू हो गया है। पूर्व भाजपा विधायक नरेंद्र पवार ने आरोप लगाया है कि शांतिदूत सोसाइटी का पुनर्विकास इसलिए रुका हुआ है क्योंकि शिंदे गुट के विधायक विश्वनाथ भोईर बिल्डरों की पैरवी कर रहे हैं, जबकि भोईर ने नरेंद्र पवार पर जानबूझकर मामले को भड़काने का आरोप लगाया है।
वहीं दूसरी तरफ असली हकीकत यह बताई जा रही है कि पुनर्विकास की आड़ में ‘मक्खन’ खाने के लिए भाजपा-शिंदे गुट में होड़ चल रही है। दोनों में चल रही लड़ाई के बीच अब यह सवाल उठने लगा है कि सोसाइटी के निवासियों को अधिकार की छत कब मिलेगी।
कार्रवाई की मांग
इसके साथ ही बिल्डरों का समर्थन करने वाली राजनीतिक हस्तियों पर भी कार्रवाई करने की मांग की है। इस पर शिंदे गुट के विधायक विश्वनाथ भोईर ने नरेंद्र पवार पर जानबूझकर इस मुद्दे को भड़काने का आरोप लगाया है। जवाब में पवार ने पलटवार करते हुए कहा है कि विधायक भोईर डेवलपर्स की वकालत कर रहे हैं।
१४ साल से रुकी है परियोजना
सोसाइटी का पुनर्विकास पिछले १४ सालों से रुका हुआ है और निवासियों को अभी भी उनके हक के घर नहीं मिले हैं। आरोप है कि विकासक ने निवासियों के साथ धोखाधड़ी की है।
आरोप-प्रत्यारोप-भाजपा-शिंदे गुट के बीच आरोप-प्रत्यारोप को देखते हुए शांतिदूत सोसाइटी के निवासियों में असमंजस और बेचैनी है।
सवाल-क्या हमें वाकई में अपना घर मिलेगा या यह राजनीतिक ड्रामा ऐसे ही चलता रहेगा? ऐसा सवाल सोसाइटी के कई लोग उठा रहे हैं।
