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जितनी हसीन बाला, उतना बार का बोलबाला! …मीरा-भायंदर के काशीमीरा परिसर में सजती है बारों की मंडी

सामना संवाददाता / भायंदर
मीरा-भायंदर के काशीमीरा परिसर में शाम होते ही बारों की रोशनी चकाचौंध कर देती है। शाम होते ही रोशनी से नहाए बारों की मंडी सजने लगती है। सभी बार अपने ग्राहकों को लुभाने के लिए रेड कार्पेट बिछाए तैयार हो जाते हैं। हर बार वालों को लंबी-लंबी आलीशान गाड़ियों से उतरने वाले ग्राहकों का इंतजार रहता है। काशीमीरा परिसर में आलम यह है कि जिस बार में जितनी हसीन बारबालाएं रहती हैं, उतना उस बार का बोलबाला होता है।
बार मालिकों का बढ़ता है हौसला
काशीमीरा परिसर में बारवालों का फलने और फूलने का एक बड़ा कारण है। वह है स्थानीय पुलिस का बारवालों के साथ किया जानेवाला नरम व्यवहार। अक्सर जागरूक नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, पत्रकार इत्यादि लेटनाइट बारों के चलने की शिकायत पुलिस से करते हैं, लेकिन पुलिस का दोस्ताना व्यवहार बारवालों के लिए फायदेमंद साबित होते हैं, जिसका फायदा उठाकर बारवाले बेखौफ होकर सुबह चार बजे तक बार चलाते हैं। उल्टा कई बार शिकायतकर्ता की पिटाई भी बार वाले कर देते हैं।
हसीन बालाओं से बढ़ता है बार का नाम
अवैध डांस बार के लिए प्रसिद्ध काशीमीरा क्षेत्र के बारों का आकलन बारबालाओं की खूबसूरती और उनके द्वारा परोसी जानेवाली अश्लीलता के हिसाब से किया जाता है। वैसे उन बारों में भी अधिक भीड़ रहती है, जहां बार बालाएं हसीन और खूबसूरत होती हैं, जबकि कुछ बारों में ग्राहक इसलिए भी जाते हैं क्योंकि वहां उन्हें बार बालाओं को बाहर ले जाने की अनुमति मिलती है।

हत्या करने से भी बाज नहीं आते बार माफिया
मीरा-भायंदर के कुछ बार माफिया इतने बेखौफ हैं कि हत्या करने में भी संकोच नहीं दिखाते हैं। आज से लगभग दस वर्ष पहले एक बार पर पड़ी रेड को लेकर हुए विवाद में एक पत्रकार की हत्या कर दी गई थी, जबकि कुछ को बुरी तरह से पीटा गया था। हालांकि, इस हत्या के विरोध में उतरे पत्रकारों ने पुलिस एव मनपा प्रशासन पर दबाव बनाकर आरोपी को गिरफ्तार करवाया तथा अवैध रूप से बने डांस बार को जमींदोज भी करवाया था।

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