सामना संवाददाता / मुंबई
राजभाषा हिंदी प्रचार संस्थान, मुंबई एवं बेस्टी एजुकेशन ट्रस्ट, कतर के संयुक्त तत्त्वावधान में तुलसी जयंती तथा डॉ. श्रीभगवान तिवारी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में कजरी महोत्सव का वर्चुअल एवं ऑफलाइन आयोजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता साहित्यकार एवं शिक्षा प्रेमी डॉ. अशोक सिंह चौहान जी एवं मुख्य अतिथि उत्तर भारतीय संघ के महामंत्री देवेंद्र तिवारी ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत की। संस्था के अध्यक्ष आचार्य रामव्यास उपाध्याय जी ने मां सरस्वती की वंदना प्रस्तुत की।
डॉ. श्रीभगवान तिवारी जी की जन्मदिवस के उपलक्ष्य में ऑफलाइन में उपस्थित मंचासीन अतिथियों ने उन्हें शाल, श्रीफल, अंगवस्त्र तथा बुके देकर सम्मानित किया। साहित्यकार डॉ. अमर बहादुर पटेल ने डॉ. श्रीभगवान तिवारी जी के जीवन और साहित्य के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। प्रमुख अतिथि डाॅ. ओमप्रकाश दुबे ने अपने मुक्त कंठ एवं मधुर आवाज में कजरी का गायन किया। सम्माननीय अतिथि डाॅ. सुहासिनी बाजपेई ने डॉ. तिवारी को शुभकामनाएं देते हुए अपने विचार रखें। श्रद्धेय अतिथि राजेन्द्र मिश्र ने हिंदी साहित्य में तुलसी जी के योगदान को दर्शाया। डॉ. श्रीभगवान तिवारी जी ने रामभक्त तुलसीदास पर अपने विचार रखे। कविवर राम सिंह ने कजरी शब्द की उत्पत्ति और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में किस प्रकार से गायी जाती है उस पर प्रकाश डालते हुए अपनी कजरी प्रस्तुत की जिससे सभी मंत्रमुग्ध हो गए। देश-विदेश में कजरी की प्रसिद्ध गायिका श्रीमती संजोली पाण्डेय एवं श्री शिवसेवक उपाध्याय ऑनलाइन कजरी के माध्यम से कार्यक्रम में चार-चांद लगा दिया। डॉ. शशिकला पटेल ने डॉ. श्रीभगवान तिवारी जी के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में उन पर ही लिखित एक गीत प्रस्तुत किया।
अजय शुक्ल वर्तमान में हिंदी पर अपने विचार रखते हुए कविता प्रस्तुत की। कई पुस्तकों की रचयिता डॉ. रोशनी किरण ने अपने गीत प्रस्तुत किए। श्रीमती सावित्री तिवारी, श्रीमती वंदना वर्मा, श्री कैलाश चंद्र शर्मा, धनंजय चौबे आदि ने भी अपने गीत एवं कजरी प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का सफल संचालन आचार्य रामव्यास उपाध्याय तथा आभार डॉ. अवनीश सिंह ने प्रकट किया। बैजनाथ शर्मा ने कतर से जूम का प्लेटफार्म उपलब्ध कराया तथा उसे यूट्यूब पर संरक्षित किया। ऑफलाइन में पूर्व प्रधानाचार्य पारस द्विवेदी, संस्था के कोषाध्यक्ष जनार्दन मिश्रा, बंशीधर दुबे, सुनील तिवारी एवं रीना त्रिवेदी तथा देश के विभिन्न कोनों से जैसे लखनऊ, प्रयागराज, आसाम, कोलकाता, वर्धा, मुंबई आदि से लोग जूम प्लेटफार्म पर जुड़े थे जिन्होंने इस कार्यक्रम का लाभ उठाते हुए कार्यक्रम की सफलता में अपना योगदान दिया।
