हिमांशु राज
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद नगर निगम के वार्ड नंबर छह की भाजपा महिला पार्षद उषा देवी शंखवार पिछले कुछ दिनों से अपने क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी और नगर निगम प्रशासन की उदासीनता के खिलाफ अनोखे तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रही हैं। पार्षद उषा देवी का कहना है कि उनके वार्ड में नाली, सड़क और पीने के पानी जैसी मूल समस्याओं को कई वर्षों से लगातार उठाया जा रहा है, लेकिन नगर निगम ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। बार-बार आवेदन देने और गुहार लगाने के बावजूद जब सुनवाई नहीं हुई तो उन्होंने मजबूरी में कटोरा लेकर अपने वार्ड और निगम कार्यालय में भीख मांगने की शुरुआत की। उनका कहना है कि चुनाव के समय वोट की भीख मांगी थी, अब क्षेत्र के विकास के लिए भी भीख मांगनी पड़ रही है। उन्होंने दुकानदारों, क्षेत्रवासियों और निगम कार्यालय के कर्मचारियों से यह अपील की कि वे चंदा दें, जिससे उनके वार्ड के लिए आंदोलन को आगे बढ़ाया जा सके और प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया जा सके। पार्षद का आरोप है कि प्रशासनिक स्तर पर पक्षपात किया जा रहा है और उनके वार्ड की समस्याओं की अनदेखी हो रही है जबकि अन्य वार्डों में कई बार विकास कार्यों का शिलान्यास तक हो चुका है। विवाद बढ़ने पर नगर निगम के प्रवर्तन दल ने उन्हें नगर आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां दोनों पक्षों में लंबी वार्ता चली। इस दौरान नगर आयुक्त ने आश्वासन दिया कि जल्द ही अभियंता द्वारा क्षेत्र का निरीक्षण कराया जाएगा और जो भी कार्य योजनाबद्ध हैं, उन्हें पूरा करवाया जाएगा। इसके बावजूद पार्षद ने प्रशासन के वादों को लेकर असहमति जताते हुए कहा, जब तक वार्ड की वास्तविक आवश्यकताओं की पूर्ति नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। स्थानीय निवासियों में भी इस प्रदर्शन के प्रति सहानुभूति देखने को मिली। वे पार्षद की विवशता और वार्ड की उपेक्षा को इलाके की बिगड़ती व्यवस्था का लक्षण मानते हैं और प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग करते हैं। उषा देवी का कटोरा आंदोलन अब क्षेत्रीय राजनीति और शहरी प्रशासन की कार्यशैली पर बड़ा सवाल बन गया है, जिससे यह मामला व्यापक चर्चाओं का विषय बन गया है।
