बिहार में सेवाओं के लिए दी गई ऑनलाइन से मजाक का सिलसिला थम नहीं रहा है। कुत्ते का निवास प्रमाणपत्र बनवाने की घटना के बाद ऐसे आवेदनों की होड़ लगी है, जिनमें अजीबोगरीब जानकारियां देकर सेवा की मांग की जा रही है। ट्रैक्टर के बाद अब बाइक का प्रमाणपत्र बनवाने का आवेदन करने का मामला गया जी से आया है। डोभी अंचल कार्यालय में बिहार लोक सेवाओं के अधिकार अधिनियम के तहत संचालित आरटीपीएस काउंटर पर दो संदिग्ध आवेदन प्राप्त हुए हैं।
दरअसल, १५ अगस्त को मिले एक आवेदन में आवेदक ने अपना नाम बुलेट लिखा है। पिता का नाम फॉर्च्यूनर और माता का नाम डिफेंडर बताया गया है। आवेदक ने खुद को कोठवारा गांव, पंचायत-पचरतन और थाना क्षेत्र डोभी का रहने वाला बताया है। साक्ष्य के रूप में मोटरसाइकिल की तस्वीर लगी है। वहीं दूसरा आवेदन १९ अगस्त को मिला है, जिसमें आवेदक ने अपना नाम हवाझुझ, पिता का नाम किसी क्विज, माता का नाम भाव क्विज बताया है। इसमें पता के रूप में बाराचट्टी के कुरमांवा पंचायत के मसेहना गांव का नाम दिया गया है।
इस मामले में अंचलाधिकारी ने डोभी थाना में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया है। इससे पहले आवेदन की संबंधित राजस्व कर्मचारी से जांच कराई गई। दोनों आवेदन गलत मंशा से छवि खराब करने को भेजे गए हैं। पुलिस केस दर्ज करके कार्रवाई कर रही है। हालांकि, ऐसे आवेदन नहीं आएं, इस पर रोक नहीं लग पा रही है।
कुत्ते का आवासीय प्रमाणपत्र
इससे पहले कुत्ते का आवासीय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आवेदन दिया गया जिसके बाद बिना जांच पड़ताल के ही प्रमाणपत्र बना दिया गया। इस पर काफी बवाल हुआ। मोतिहारी में ट्रैक्टर और भोजपुरी अभिनेत्री का प्रमाणपत्र बनाने के इले अप्लाई किया गया। मुजफ्फरपुर में तो हद हो गई। किसी ने नीतीश कुमार के नाम पर आवासीय प्रमाणपत्र बनवाने के लिए आवेदन दे दिया।
