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बावनकुले की चुनौती के बाद रोहित पवार ने पेश किए सबूत…मेधा इंजीनियरिंग का ९० करोड़ रुपए का जुर्माना माफ

सामना संवाददाता / मुंबई

इलेक्ट्रोल बॉन्ड के जरिए भाजपा की मदद करनेवाली मेधा इंजीनियरिंग कंपनी पर लगे ९० करोड़ रुपए के जुर्माने को माफ करने का मामला गरमा गया है। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले द्वारा आरोपों का खंडन करने के बाद अब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के विधायक रोहित पवार ने तुरंत सोशल मीडिया पर एक लिखित सबूत पेश किया है। इससे कहा जा रहा है कि चंद्रशेखर बावनकुले की पोल खुल गई है।
चंद्रशेखर बावनकुले ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के रोहित पवार (शरदचंद्र पवार) के मेधा इंजीनियरिंग कंपनी पर लगाए गए ९० करोड़ रुपए के जुर्माने को माफ करने से इनकार करने पर आक्रामक रुख का जवाब दिया था।
चंद्रशेखर बावनकुले ने क्या कहा?
मेधा इंजीनियरिंग कंपनी का जुर्माना माफ करने के आरोप पर चंद्रशेखर बावनकुले ने रोहत पवार से कहा था कि वे आरोपों को साबित करें या फिर राजनीति से संन्यास ले लें।
रोहित पवार ने क्या कहा?
मैं बिना सबूत के नहीं बोल रहा हूं। क्या आप भूल गए कि आपने न सिर्फ जुर्माना माफ किया था, बल्कि जब्त की गई सामग्री को वापस करने का भी आदेश दिया था?
विधान सभा में उत्तर का केवल साक्ष्य प्रस्तुत किया गया। ‘मैं बिना सबूत के नहीं बोलता’ कहते हुए रोहित पवार ने राजस्व मंत्री के तारांकित प्रश्न के लिखित उत्तर की प्रति निकाली। इसमें उन्होंने कहा कि आपने स्वयं राजस्व मंत्री के रूप में ११ जुलाई, २०२५ को अपनी ही पार्टी के विधायक बबनराव लोणीकर द्वारा विधानसभा में उठाए गए प्रश्न का उत्तर दिया है। आपने न केवल जुर्माना माफ किया, बल्कि जब्त की गई सामग्री को वापस करने का आदेश भी दिया। जब आम नागरिक मुरुम निकालते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाती है, लेकिन जब अमीर लोग अवैध खनन करते हैं, तब भी करोड़ों का जुर्माना माफ कर दिया जाता है,’ उन्होंने गंभीर आरोप लगाया।

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