-रंगकर्म की बारीकियों का दिया जा रहा प्रशिक्षण
अनिल मिश्र / पटना
किलकारी बाल भवन, गयाजी में आयोजित 20 दिवसीय समर कैंप के अंतर्गत नाटक विधा की विशेष नाट्य कार्यशाला पूरे उत्साह और रचनात्मक माहौल में संचालित की जा रही है। कार्यशाला में बच्चों को नाट्य प्रशिक्षक नंदकिशोर द्वारा अभिनय, संवाद-अभिव्यक्ति, मंच संचालन तथा रंगकर्म की बारीकियों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। कार्यशाला की विशेषता यह है कि बच्चों को प्रसिद्ध नाटक “अंधेर नगरी” का मंचन मगही भाषा में आधुनिक शैली के साथ तैयार कराया जा रहा है। पारंपरिक कथा को स्थानीय भाषा और समकालीन प्रस्तुति शैली से जोड़कर बच्चों में अभिनय के साथ-साथ अपनी मातृभाषा और लोकसंस्कृति के प्रति जुड़ाव विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त बच्चों को विभिन्न चर्चित नाटककारों के नाटकों में प्रयुक्त गीतों पर आधारित रंग संगीत भी सिखाया जा रहा है। कार्यशाला के दौरान तैयार किए गए इन गीतों को संगीत, अभिनय और नृत्य के समन्वय के साथ आकर्षक रूप में प्रस्तुत करने की तैयारी चल रही है। नाट्य प्रशिक्षक नंदकिशोर ने बताया कि इस कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों के व्यक्तित्व विकास, रचनात्मक अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देना है। बच्चों में कार्यशाला को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है तथा वे प्रतिदिन नियमित रूप से अभ्यास कर रहे हैं।समर कैंप के समापन अवसर पर बच्चों द्वारा तैयार नाटक “अंधेर नगरी” एवं रंग संगीत की विशेष प्रस्तुति दर्शकों के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी, जिसमें उनकी प्रतिभा और रचनात्मकता का प्रदर्शन देखने को मिलेगा।
