रवीन्द्र मिश्रा / मुंबई
अंधेरी का राजा के संस्थापक सदस्य एवं ज्येष्ठ शिवसैनिक तथा शिव-कृष्ण भक्त मेनन मामा का एक छोटी-सी बीमारी के चलते निधन हो गया है। मेनन मामा को इलाज के लिए कोकिलाबेन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 15 जून की शाम मामा ने अंतिम सांस ली।
मेनन मामा का अंतिम संस्कार अंधेरी पश्चिम, वर्सोवा स्थित हिंदू श्मशान भूमि में किया गया। मेनन मामा के बेटों सुधीर तथा सूरज ने अपने पिता को मुखाग्नि दी।
83 वर्षीय मेनन मामा की अंतिम इच्छा थी कि उनकी चिता भस्म का विसर्जन वहां किया जाए, जहां अंधेरी के राजा गणपति का विसर्जन किया जाता है। इसलिए मृत्यु के पांचवें दिन मेनन मामा की चिता भस्म को अंधेरी वर्सोवा जेट्टी से नौका के सहारे समुद्र में विसर्जित किया जाएगा।
16 जून को निकली उनकी शवयात्रा में सैकड़ों की संख्या में कृष्ण भक्त, शिव भक्त तथा शिवसैनिक उपस्थित थे। एक नेता की तरह सजे रथ पर जब मामा को आजाद नगर से वर्सोवा हिंदू श्मशान भूमि ले जाया जा रहा था, तो लोगों ने ‘मेनन मामा अमर रहें’ के नारे लगाए।
उनकी अंतिम यात्रा में शिवसेना नेता अनिल परब, गजानन कीर्तिकर, अमोल कीर्तिकर, राजुल ताई पटेल, राजू पेडणेकर, यशोधर फणसे, शिवसेना विधायक हारुन खान, विष्णु कोरगांवकर, कुशाल धुरी, सुबोध सुरेश चिटनीस, उदय सालियन, पूर्व शाखा प्रमुख यलप्पा कुशालकर, सुनील बोले, अशोक राणे, विजय सावंत, सचिन नायक, आशुतोष तलेकर, निलेश पुरोहित, नितिन दाभोलकर, प्रकाश रासकर सहित भारी संख्या में मामा के चाहने वाले और हर समाज के लोग उपस्थित थे।
