राजेश सरकार / प्रयागराज
शहर को यमुनापार से जोड़ने वाला सिक्स लेन दीनदयाल उपाध्याय सेतु के नैनी छोर पर लेप्रोसी चौराहे के नजदीक मंगलवार दोपहर बाद एक दर्दनाक दुर्घटना में बाइक सवार शिक्षक पिता और छात्रा पुत्री की बेकाबू ट्रक के चपेट में आने से मौत हो गई। दुर्घटना के बाद चालक ट्रक लेकर रीवा राजमार्ग पर घूरपुर की दिशा में फरार हो गया। जबकि पिता पुत्री का शव सड़क पर काफी देर पड़ा रहा। बाइक भी क्षतिग्रस्त सड़क पर गिरी पड़ी थी। मौके पर राहगीरों की भीड़ जमा हो गई थी। वाहनों का जाम लग गया था। सूचना मिलने पर दुर्घटना स्थल पर पहुंची नैनी पुलिस ने सबसे पहले पिता पुत्री के शव को सड़क से हटाते हुए तत्काल पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पिता और पुत्री की पहचान महर्षि विद्या मंदिर नैनी में शिक्षक रहे रत्नेश श्रीवास्तव और इसी विद्यालय में 1२वीं की छात्रा यशी श्रीवास्तव के रूप में पुलिस ने की है। रत्नेश श्रीवास्तव परिवार के साथ शहर के करेलाबाग लाल कॉलोनी में रहते हैं। मंगलवार को वह अपनी बाइक से बेटी यशी श्रीवास्तव को हमेशा की तरह विद्यालय से लेने पीडीए कॉलोनी नैनी स्थित महर्षि विद्या मंदिर गए थे। बेटी को लेकर घर लौटते हुए नैनी मिर्जापुर हाइवे पर लेप्रोसी चौराहे के पास दर्दनाक हादसा हुआ।
विद्यालय से मिली जानकारी के अनुसार रत्नेश श्रीवास्तव ने हाल ही में अप्रैल माह में महर्षि विद्या मंदिर नैनी से नौकरी छोड़ दी थी। बेटी यशी १२वीं में इसी विद्यालय में पढ़ती थी। वह आर्टस विषय की छात्रा रही। हादसे के बाद पिता पुत्री के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अज्ञात ट्रक चालक के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर जांच पड़ताल में जुट गई है। चौराहे पर लगे सीसीटीवी फुटेज पुलिस खंगाल रही है। ताकि चालक और ट्रक का पता चल सके। पुलिस ने बताया कि हादसे के शिकार शिक्षक रत्नेश श्रीवास्तव तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनके दो संतानों में अब इकलौता बेटा आशुतोष एलएलबी कर रहा है। जब की बेटी यशी १२वीं की छात्रा थी। यह भी पता चला है कि रत्नेश श्रीवास्तव टीचिंग के अलावा आरटीओ का काम भी किया करते थे। महर्षि विद्या मंदिर नैनी में रत्नेश करीब 20 साल नौकरी करते रहे। इस दौरान उनको शुल्क जमा करने का काम भी नहीं वर्तमान प्रधानाचार्य पूजा चंदोला ने दिया था।
