मनोज श्रीवास्तव / लखनऊ
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में मंगलवार को थाना राम जन्मभूमि में पुलिस के पास 3 शिकायतें पहुंची हैं। पहली- धर्मसेना के संस्थापक संतोष दुबे ने की। दूसरी-यूपी युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला और तीसरी-करणी सेना ने की है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक कोई भी एफआईआर दर्ज नहीं की गयी है। तहरीर मिलने के बाद जब राम जन्मभूमि थाना क्षेत्र के इंचार्ज से बात की गयी कि एफआईआर कब होगी तो उन्होंने बताया कि अभी तो एसआईटी जांच चल रही है। इसके पूरी होने के बाद ही जो होना है होगा। इस मुद्दे पर लखनऊ में बड़े मंगल के एक कार्यक्रम में पहुंचे सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, भगवान की एफआईआर बड़ी होगी। हम-आप जो कानून वाली एफआईआर करवाते हैं, उसका क्या करोगे? मंगलवार को मंदिर ट्रस्ट के कर्मचारी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव ने वीडियो जारी कर आरोपों पर सफाई दी है। कहा-जिस जमीन की कीमत 50 करोड़ बताई जा रही है, उसे मैंने साल 2008 में खरीदी थी। मैंने ऑटो चलाकर कमाई की है। चढ़ावे की गिनती से मेरा कोई लेना-देना नहीं है।
मंगलवार सुबह 11 बजे स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम, यानी एसआइटी जांच के लिए मंदिर पहुंची। साथ में अयोध्या के जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. गौरव ग्रोवर भी थे। टीम आज भी ट्रस्ट के संदिग्ध कर्मचारियों से पूछताछ कर रही है। टीम ने सोमवार को ट्रस्ट महासचिव चंपत राय से चढ़ावा चोरी को लेकर जानकारी ली थी। इसके अलावा, ट्रस्ट सदस्य गोपाल राव को एसआईटी ने बुलाकर उनसे सवाल-जवाब किए। टीम ने 42 संदिग्ध कर्मचारियों से भी पूछताछ की थी।सूत्रों के अनुसार, एसआईटी ने सोमवार को सबसे पहले चंपत राय से जांच की जानकारी ली। इसके बाद एक-एक संदिग्ध से बंद कमरे में पूछताछ की। सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि मंदिर परिसर में प्रवेश के समय कर्मचारियों की चेकिंग होती थी, लेकिन बाहर निकलते समय नहीं होती थी। चढ़ावा चोरी मामले में अब तक 5 लोगों लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर के नाम सामने आए हैं। इन लोगों की निशानदेही पर अब तक 2 करोड़ रुपए की रिकवरी हुई है। ये सभी दान राशि की गिनती की ड्यूटी से जुड़े हैं। लवकुश और अनुकल्प पुलिस हिरासत में हैं।
इस मामले को पूर्व मंत्री पवन पांडेय और सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने चोरी का मुद्दा उठाया था। 7 जून को दावा किया गया था कि राम मंदिर से 5 से साढ़े 7 करोड़ रुपए तक की चोरी की गई। अखिलेश ने भी कहा था कि मामले पर सरकार की चुप्पी संदिग्ध है। कोर्ट को मामला देखना चाहिए। चंपत राय ने सफाई दी थी कि अभी तक ऐसी कोई भी बात सामने नहीं आई है। विवाद बढ़ा तो भाजपा नेता डॉ. रजनीश सिंह ने 9 जून को प्रधानमंत्री को लेटर लिखकर CBI जांच की मांग की। अगले दिन यानी 10 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय ने मंदिर ट्रस्ट से मामले की रिपोर्ट मांग ली।
