रवीन्द्र मिश्रा / मुंबई
मुंबई में अंधेरी का राजा भगवान गणेश अपने भक्तों की मनोकामना पूरी करने वाले देवता के रूप में प्रसिद्ध हैं। ऐसे में यहां प्रतिवर्ष लाखों गणेश भक्त उनके दर्शन करने के लिए जुटते हैं। इस वर्ष भी इस पवित्र स्थल पर 20 लाख से अधिक भक्तों ने अंधेरी के राजा के दर्शन कर अपनी मनोकामनाओं की अर्जी लगाई।
आजाद नगर सार्वजनिक उत्सव समिति के प्रवक्ता उदय सालियन के अनुसार, अंधेरी के राजा को भक्त सच्चे मन से पूजते हैं और उन्हें हर वर्ष बढ़ती श्रद्धा और आस्था का अनुभव होता है। यहां आम नागरिक से लेकर नेता, अभिनेता और बड़े उद्योगपति तक सभी बप्पा के चरणों में नतमस्तक होकर अपनी मनोकामनाओं की बात रखते हैं।
भक्तों का मानना है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। अंधेरी का राजा मुंबई का पहला सार्वजनिक गणेशोत्सव है, जहां बप्पा का विसर्जन पारंपरिक अनंत चतुर्दशी के बजाय संकष्टी के दिन किया जाता है।
विसर्जन के समय बप्पा की सवारी जिस मार्ग से गुजरती है, उस रास्ते के लोग अपने घरों को विशेष रूप से सजाते हैं। आरती के बाद भक्त संकष्टी व्रत का पारायण करते हैं। इस वर्ष 10 अगस्त को अंधेरी के राजा का विसर्जन होगा। इस अवसर पर हजारों की संख्या में भक्त सड़कों पर उपस्थित होकर अपने बप्पा का दर्शन करेंगे और आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
अंधेरी के राजा का यह सार्वजनिक गणेशोत्सव न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि मुंबई में आस्था और श्रद्धा के अद्वितीय उत्सव के रूप में भी देखा जाता है।
