मुख्यपृष्ठखेलआउट ऑफ पवेलियन : फर्जी साइट से पुरुषों की मानसिकता का सर्वे

आउट ऑफ पवेलियन : फर्जी साइट से पुरुषों की मानसिकता का सर्वे

अमिताभ श्रीवास्तव

महिलाओं में अक्सर पुरुषों की मानसिकता के प्रति एक संदेह कायम रहता है मगर वे जान नहीं पाती। यह जिज्ञासा लगभग हर महिला में होती हैं, किंतु उन्हें समाधान नहीं मिल पाता और ऐसे में कई बार वे धोखा भी खा जाती हैं। ५२ वर्षीय लेखिका मेल फॉलोफील्ड ने विवाहेतर संबंधों से संबंधित एक डेटिंग साइट पर फर्जी प्रोफाइल बनाई, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह किस तरह के पुरुषों को आकर्षित करती है। उन्होंने पाया कि अधिकतर पुरुष झूठे होते हैं। लेखिका ने विवाहेतर डेटिंग वेबसाइट ‘इलिसिट एनकाउंटर्स’ के माध्यम से पुरुषों के साथ मुलाकात का प्रबंध किया है, जिसकी स्थापना २००३ में हुई थी और इसका उद्देश्य ऐसे विवाहित पुरुषों और महिलाओं को आकर्षित करना है, जो प्रेम-संबंध बनाना चाहते हैं। इस साइट के १.५ मिलियन उपयोगकर्ता हैं और सितंबर उनके सबसे व्यस्त महीनों में से एक है – पिछले वर्ष इस समय साइन-अप में १९ प्रतिशत की वृद्धि हुई थी, ऐसा माना जाता है कि यह गर्मियों की छुट्टियों के कारण रिश्तों पर पड़ने वाले तनाव का परिणाम है। इन आंकड़ों से उत्सुक होकर उन्होंने एक ‘फर्जी’ प्रोफाइल बनाई, ताकि पता चल सके कि इस तरह की साइट किस प्रकार के पुरुषों को आकर्षित करती है और ये पुरुष धोखा क्यों देते हैं? उन्होंने कहा, मैं कहूंगी कि मैंने जो प्रोफाइल पढ़ी, उनमें से ९० प्रतिशत पुरुषों ने स्पष्ट कर दिया था कि वे नहीं चाहते कि उनकी शादी टूट जाए और उल्लेखनीय बात यह है कि वे सभी अपनी पत्नियों से बहुत प्यार करते थे। हालांकि, अपनी नीरस शादी से दूर वे मौज-मस्ती, जुनून, उत्साह और अधिक सेक्स चाहते थे।
स्त्रियों को वस्तु मत समझो!
भारतीय संस्कृति और संस्कार आज भी विदेशों से बेहतर इसीलिए हैं कि यहां महिलाओं को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता हैं। मगर विदेशों में महिलाएं मात्र एक उपभोग की वस्तु की तरह देखी जाती हैं, यह कहना है एक ऑस्ट्रेलियाई रेडियो प्रस्तोता का जिसने अपने स्तनों के आकार के कारण क्वांटास एयरवेज द्वारा उसके साथ ‘अनुचित’ व्यवहार करने की आलोचना की है। नोवा की होस्ट निक्की ओसबोर्न ने दावा किया है कि एयरलाइन स्टाफ ने उनके बड़े स्तनों के कारण उन्हें परेशान किया। ऐश, लुत्सी और निक्की ओसबोर्न शो में बोलते हुए ४४ वर्षीया निक्की ने अपनी शिकायतें व्यक्त कीं। ऑस्ट्रेलियाई स्टार ने कहा ‘अगर महिलाओं के पास क्लीवेज है तो उनके साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया जाता है, यह मेरी राय है। पिछले सप्ताह क्वांटास लाउंज में मुझे अपने टॉप के बटन बंद करने को कहा गया, क्योंकि मेरे स्तन बहुत अधिक ध्यान भटका रहे थे। मैं देख रही हूं कि क्या हो रहा है और ऐसा लग रहा है कि जिसके पास भी स्तन हैं, वह इसका सामना कर रही है।’ निक्की ने कहा कि हर कोई महिलाओं को एक वस्तु की तरह देखता है और उस पर पाबंदियां लगाता है जबकि क्लीवेज जैसी बहुत सामान्य घटना है। निक्की ने जोर देकर कहा कि स्त्रियों को वस्तु मत समझो। यह प्राकृतिक रूप से सबमें है। उन पुरुषो की मां-बहनो में भी जो ऐसा कहते या मानते हैं। निक्की जैसी कितनी महिलाएं हैं जो आज ऐसे प्रकरण का सामना करती रहती हैं, पर चुप हैं। निक्की ने हालांकि हवाई अड्डे पर स्टाफ को फटकार भी लगाई, साथ ही उसने महिलाओं के लिए आवाज भी उठाई है।
(लेखक वरिष्ठ खेल पत्रकार व टिप्पणीकार हैं।)

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