-गुमराह करके खाली कराए गए थे कार्यालय
-नरीमन पॉइंट की ४.२ एकड़ जमीन का मामला
-एमएमआरसीएल ने आरबीआर्ई के सुपुर्द किया भूखंड
सामना संवाददाता / मुंबई
डबल इंजन की सरकार मुंबई की हजारों करोड़ रुपयों की जमीन कम भाव में बेच रही है। ताजा मामले में दक्षिण मुंबई के नरीमन प्वाइंट स्थित ४.२ एकड़ का भूखंड आरबीआई को बेच दिया गया। यह सौदा गुप्त तरीके से किया गया। मंत्रालय के सामने प्राइम लोकेशन पर स्थित इस जमीन पर ६-७ साल पहले शिवसेना, कांग्रेस, राकांपा और सपा जैसी कई राजनीतिक पार्टियों के कार्यालय थे। उनके साथ धोखा भी हुआ है। इस मामले में कांग्रेस ने कहा कि यह प्लॉट आरबीआई को बेचने का निर्णय न केवल मनमाना है बल्कि दबंगई भी दर्शाता है। यह सौदा बिना टेंडर प्रक्रिया का पालन किए किया गया है, जिससे लगभग १,८०० करोड़ रुपए का सरकार को अनुमानित नुकसान हुआ है। कांगेस ने इस मामले की जांच की मांगी की है।
सरकार ने धोखे से बेच दी जमीन!
नरीमन प्वाइंट पर पहले लीज पर कई राजनीतिक दलों के कार्यालय थे। लीज पूरा हुए बिना राज्य सरकार ने मेट्रो निर्माण के लिए इस जगह को उनसे खाली करवाया था। मेट्रो के निर्माण कार्य के लिए अस्थाई रूप से यह जगह एमएमआरसीएल को दी गई। सरकार ने उक्त राजनीतिक दलों को बैठक कर आश्वस्त किया था कि भूमिगत मेट्रो निर्माण के बाद यहां पर कॉर्पोरेट स्टाइल की इमारत बनाई जाएगी, जिसमें बाद में सभी पार्टियों को कार्यालय दिया जाएगा। मगर इमारत बनाने का वादा करके सरकार ने धोखे से जमीन बेच दी। ऐसा दावा कांग्रेस विधायक सचिन सावंत ने किया।
सावंत ने कहा कि यहां तो बिल्कुल उसके उलट हुआ है। हमारे साथ धोखा हुआ है। यह जगह गुपचुप तरीके से एमएमआरसीएल को दी गई और बाद में इस जगह को एमएमआरसीएल ने आरबीआई को बेच दिया है। सावंत ने कहा कि हमारा कार्यालय यहीं था। हमें मेट्रो स्टेशन के निर्माण के लिए वह जगह खाली करने को कहा गया था और अस्थाई रूप से रीगल टॉकीज के पास तन्ना हाउस में किराए का कार्यालय दिया गया था, साथ ही यह स्पष्ट आश्वासन दिया गया था कि मेट्रो का काम पूरा होने के बाद उसी क्षेत्र में स्थाई कार्यालय दिया जाएगा।
