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हिंदी है दिलों की भाषा

हिंदी है दिलों की भाषा,
मां के आंचल की परिभाषा।
सुरों में मधुरता, शब्दों में प्यार,
हिंदी से जग में होता उद्धार।
गंग सी पावन, यमुना सी शीतल,
भारत की पहचान, संस्कृति का संबल।
रिश्तों को जोड़े, मन को सहलाए,
हिंदी में अपनापन हर कोई पाए।
विद्या की दीपक, ज्ञान का द्वार,
हिंदी सिखाए जीवन का सार।
सम्मान करे हम इसे अपनाए,
विश्व में हिंदी का मान बढाएं।
चलो मिलकर प्रतिज्ञा करें,
हिंदी का मान हर कोई करे।
भारत की आत्मा, भारत की शान,
तभी तो हम सब कहें हिंदी-हिंद-हिंदुस्थान।
-अथर्व रावत

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