नई शुरुआत

सपनों की डोरी थामे हम,
आगे बढ़ते जाते हैं।
रुकावट कितनी भी आए,
हिम्मत से पार कर जाते हैं हम।
सूरज हर दिन नई रोशनी लाता,
अंधेरा हमेशा नहीं रहता।
जो मेहनत सच्ची करता है,
उसके लिए असंभव कुछ भी नहीं।
नदी की तरह बहना सीखो,
हर पत्थर को हरना सीखो।
संघर्ष ही जीवन का गहना है,
आशा ही इसमें रहना है।
आओ मिलकर कसम उठाएं,
कभी हार न मानेंगे हम।
सपनों को सच करने के लिए,
हर पल कशिश करेंगे हम।
-शिखा शर्मा

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