ये वादे हैं यार तुझसे
तू मेरे इश्क में,
न ले इम्तिहान ये,
दिल है पत्थर नहीं,
दे देगा जान ये।
मैं तेरा हाथ थामा है ,
जीवन भर निभाएंगे।
आएगी मौत गर तो,
हम उससे लड़ जाएंगे।
गम आए चाहे जितने,
हम यूं ही न घबराएंगे।
जो भी हिस्से में आए,
उसे बांट कर खाएंगे।
होने न देगें खफा तुझे,
रूठेगी तो मनाएंगे।
जो भी ख्वाहिश होगी तेरी,
जहां से छीन लाएंगे।
तुझसे है ये मेरे वादे,
हम जुदा न होंगे कभी।
ये जीवन भर के वादे हैं,
जनम-जनम निभाएंगे।
कसम है तेरी दूर न जाएंगे।।
-मनोज कुमार यकता
