-महापालिका चुनाव से पहले महायुति में दरार के संकेत
सुनील ओसवाल / कल्याण
कल्याण के शहाड स्टेशन परिसर में नवरात्रि के बैनर को लेकर भाजपा और शिंदे गुट के कार्यकर्ता आमने-सामने भिड़ गए। देखते ही देखते बात इतनी बढ़ गई कि सड़क पर फ्री-स्टाइल गालीगलौज, धक्का-मुक्की और मारामारी तक पहुंच गया, जिसमें दोनों पक्षों के तीन कार्यकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों गुटों ने खड़कपाड़ा पुलिस स्टेशन में एक-दूसरे के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। इससे इलाके में तनाव का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नवरात्रि की शुभकामनाओं वाला बैनर लगाने को लेकर दोनों गुटों में बहस हो गई। भाजपा का आरोप है कि शिंदे के कार्यकर्ताओं ने भाजपा के फ्रेम पर बैनर लगा दिया। इसी बात को लेकर भाजपा वार्ड अध्यक्ष मोहन कोनकर और शिंदे गुट के पूर्व शिवसेना पार्षद गणेश कोट के बेटे मुकेश कोट के बीच बहस हो गई। यह बहस मारपीट में बदल गई। इसमें मोहन कोनकर और मुकेश कोट समेत एक कार्यकर्ता घायल हो गए। इस घटना के बाद खड़कपाड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों गुटों ने एक-दूसरे के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज किया है।
इस बीच, भले ही शिंदे गुट और भाजपा महागठबंधन के रूप में साथ हैं, लेकिन स्थानीय राजनीति में उनके मतभेद साफ दिखाई दे रहे हैं। अब शहाड में बैनर लगाने को लेकर हुआ विवाद आगामी नगर निगम चुनाव में महागठबंधन के लिए सिरदर्द बन सकता है। कई लोगों ने इस झगड़े पर, खासकर एक ही गठबंधन में शामिल दलों के कार्यकर्ताओं के बीच, आश्चर्य व्यक्त किया है। खडकपाडा पुलिस स्टेशन में दोनों गुटों ने एक-दूसरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है, लेकिन घटना के वायरल वीडियो और स्थानीय तनाव को देखते हुए इसने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है।
जनता हैरान, नेतृत्व मौन
एक ही पक्ष में शामिल दो दलों के कार्यकर्ताओं की इस खुली मारपीट ने न केवल जनता को हैरान कर दिया है, बल्कि ये सवाल भी खड़े किए हैं राज्य में शिंदे के और भाजपा एक ही गठबंधन में सरकार चला रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिलकुल उलटनज़र आ रही है।
