-उप मुख्यमंत्रियों की ‘दादागीरी’ बर्दाश्त नहीं!
-अधिकारियों पर धौंस जमाने से बाज नहीं आ रहे हैं राज्य के दोनों उप मुख्यमंत्री
सामना संवाददाता / मुंबई
लगता है भ्रष्टाचार को महायुति सरकार के ‘आकाओं’ का खुला समर्थन प्राप्त है। इसमें सरकार के दोनों उप मुख्यमंत्रियों के नाम बार-बार आ रहे हैं। मगर अदालत को इनकी यह ‘दादागीरी’ बर्दाश्त नहीं है। कुछ दिन पहले अजीत दादा ने अवैध खनन रोकने गई एक लेडी कॉप को धमकाया था। अब दूसरे उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कोर्ट के तोड़क कार्रवाई के आदेश पर रोक लगा दी। इस पर हाई कोर्ट ने शिंदे को फटकार लगाई है। मामले की अगली सुनवाई शनिवार को होगी।
तोड़क कार्रवाई पर लगाई थी रोक
वाशी सेक्टर ९ में स्थित दो सोसायटियों में अवैध निर्माण हुआ है, ऐसा कॉन्शियस सिटीजन फोरम ने दावा किया था। इस पर एनजीओ ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने अवैध निर्माण तोड़ने का आदेश दिया था, लेकिन तोड़क कार्रवाई के इस आदेश पर शिंदे ने रोक लगा दी।
उप मुख्यमंत्री के अधिकारों का अध्ययन करेगा हाई कोर्ट!
नई मुंबई के वाशी में दो सोसायटियों द्वारा किए गए अवैध निर्माण पर तोड़क कार्रवाई करने के कोर्ट ने आदेश दिए थे। लेकिन इस आदेश पर उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रोक लगा दी, जिस पर हाई कोर्ट ने आपत्ति जताते हुए सवाल उठाया कि शिंदे ने किस अधिकार से यह रोक लगाई है? अब अगली सुनवाई में अदालत यह देखेगी कि उप मुख्यमंत्री के पास इस तरह के अधिकार हैं या नहीं!
वाशी सेक्टर ९ में स्थित दो सोसायटियों में अवैध निर्माण हुआ है, ऐसा कॉन्शियस सिटीजन फोरम ने दावा किया था। इस पर एनजीओ ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। कोर्ट ने अवैध निर्माण तोड़ने का आदेश दिया था, लेकिन इस आदेश पर शिंदे ने रोक लगा दी। इसके चलते कोर्ट ने शिंदे की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने किस अधिकार से कार्रवाई पर रोक लगाई? एनजीओ ने आरोप लगाया है कि इन दोनों सोसायटियों में हुए अवैध निर्माण को संरक्षण देकर शिंदे भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं। नई मुंबई महानगरपालिका ने इस संदर्भ में नोटिस जारी किया हुआ था, फिर भी शिंदे ने रोक लगाई? अगर महानगरपालिका ने इमारत तोड़ने की नोटिस दी है, तो फिर उप मुख्यमंत्री ने किस कानूनी शक्ति का उपयोग कर स्थगन दिया? ऐसा प्रश्न कोर्ट ने उठाया। अब अगली सुनवाई शनिवार को होगी, जिसमें यह भी स्पष्ट किया जाएगा कि क्या वास्तव में उप मुख्यमंत्री को ऐसे अधिकार प्राप्त हैं या नहीं।
भूमिका पर उठाए गंभीर सवाल
मुंबई हाई कोर्ट ने उप मुख्यमंत्री शिंदे की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। नई मुंबई के वाशी सेक्टर ९ में स्थित दो इमारतों में अवैध कार्यों को महानगरपालिका ने तोड़ने का आदेश दिया था। इसके बावजूद शिंदे ने कार्रवाई पर रोक लगा दी। मनपा द्वारा जारी नोटिस पर उप मुख्यमंत्री किस अधिकार से रोक लगाते हैं?’ सामाजिक संस्था द्वारा दाखिल याचिका में इस स्थगन को चुनौती देते हुए अवैध इमारतों को तुरंत तोड़ने की मांग की गई है। अब अगली सुनवाई में शिंदे द्वारा इस्तेमाल किए गए अधिकार वैध हैं या नहीं, इस पर निर्णय महत्वपूर्ण साबित होगा।
