शीतल अवस्थी
पितृ पक्ष खत्म होने को है। नवरात्रि नजदीक आ रही है। माता की सवारी का सभी को इंतजार है। लोग तैयारियों में जुट गए हैं। हम यहां राशि अनुसार माता महालक्ष्मी को प्रसन्न करने के उपाय बता रहे हैं, जिनका पाठ आपको नवरात्रि में धन-ऐश्वर्य दिलाने वाला साबित हो सकता है।
मेष- ज्योतिष के अनुसार, हर राशि के लिए लक्ष्मी मंत्र अलग-अलग होता है। यदि कोई व्यक्ति अपनी राशि के लक्ष्मी मंत्र का जप विधि-विधान से करे तो वह शीघ्र ही धनवान बन सकता है। इस राशि वाले लोगों के लिए धन प्राप्ति का मंत्र ये है।
मंत्र- ॐ ऐं क्लीं सौ:
वृषभ- ज्योतिष के अनुसार, इस राशि का स्वामी शुक्र है। इस राशि वाले लोगों के लिए धन प्राप्ति का मंत्र ये है-
मंत्र- ॐ ऐं क्लीं श्रीं
मिथुन- ज्योतिषियों के अनुसार, इस राशि का स्वामी बुध है। इस राशि वाले लोगों के लिए धन प्राप्ति का मंत्र ये है-
मंत्र- ॐ क्ली ऐं सौ:
कर्क- ज्योतिष के अनुसार, इस राशि का स्वामी चंद्र है। इस राशि वाले लोगों के लिए धन प्राप्ति का मंत्र ये है-
मंत्र- ॐ ऐं क्ली श्रीं
सिंह- ज्योतिष के अनुसार, सिंह राशि का स्वामी सूर्य है। इस राशि वाले लोगों के लिए धन प्राप्ति का मंत्र ये है-
मंत्र- ॐ ह्रीं श्रीं सौ:
कन्या- ज्योतिष के अनुसार, इस राशि का स्वामी बुध है। इस राशि वाले लोगों के लिए धन प्राप्ति का मंत्र ये है-
मंत्र- ॐ श्रीं ऐं सौ:
तुला- ज्योतिष के अनुसार, इस राशि के स्वामी शुक्र हैं। इस राशि वाले लोगों के लिए धन प्राप्ति का मंत्र ये है-
मंत्र- ॐ ह्रीं श्रीं सौं
वृश्चिक- ज्योतिष के अनुसार, इस राशि कास्वामी मंगल है। इस राशि वाले लोगों के लिए धन प्राप्ति का मंत्र ये है-
मंत्र- ॐ ऐं क्लीं सौ:
धनु- इस राशि का स्वामी गुरु है। इस राशि वाले लोगों के लिए धन प्राप्ति का मंत्र ये है-
मंत्र- ॐ ह्रीं क्लीं सौ:
मकर- ज्योतिष के अनुसार, इस राशि का स्वामी शनि है। इस राशि वाले लोगों के लिए धन प्राप्ति का मंत्र ये है-
मंत्र- ॐ ह्रीं क्लीं ह्रीं श्रीं सौ:
कुंभ- ज्योतिष के अनुसार, इस राशि का स्वामी शनि है। इस राशि वाले लोगों के लिए धन प्राप्ति का मंत्र ये है-
मंत्र- ॐ ह्रीं ऐं क्लीं श्रीं
मीन- ज्योतिष के अनुसार, इस राशि का स्वामी गुरु है। इस राशि वाले लोगों के लिए धन प्राप्ति का मंत्र ये है-
मंत्र- ॐ ह्रीं क्लीं सौ:
धर्म शास्त्रों के अनुसार, हाथी पर विराजित मां लक्ष्मी की पूजा करनी चाहिए, इससे सभी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं।
शाम के समय शुद्धता पूर्वक घर के देवालय में एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर उस पर केसर मिले चंदन से अष्टदल बनाकर व चावल रख जल कलश रखें। कलश के पास हल्दी से कमल बनाकर उस पर माता लक्ष्मी की मूर्ति प्रतिष्ठित करें।
मिट्टी का हाथी बाजार से लाकर या घर में बना कर उसे स्वर्णाभूषणों से सजाएं। नया खरीदा सोना हाथी पर रखने से पूजा का विशेष लाभ मिलता है। माता लक्ष्मी की मूर्ति के सामने श्रीयंत्र भी रखें। कमल के फूल से पूजन करें। सोने-चांदी के सिक्के, मिठाई व फल भी रखें।
इसके बाद माता लक्ष्मी के आठ रूपों की इन मंत्रों के साथ कुंकुम, चावल और फूल चढ़ाते हुए पूजा करें-
ॐ आद्यलक्ष्म्यै नम:
ॐ विद्यालक्ष्म्यै नम:
ॐ सौभाग्यलक्ष्म्यै नम:
ॐ अमृतलक्ष्म्यै नम:
ॐ कामलक्ष्म्यै नम:
ॐ सत्यलक्ष्म्यै नम:
ॐ भोगलक्ष्म्यै नम:
ॐ योगलक्ष्म्यै नम:
इसके बाद धूप और घी के दीप से पूजा कर नैवेद्य या भोग लगाएं व मां महालक्ष्मी की आरती करें। इस प्रकार विधि-विधान से पूजन करने पर मां महालक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों की मनोकामना पूरी करती हैं।
