सामना संवाददाता / मुंबई
मुंबई महानगरपालिका सहित राज्य की सभी स्थानीय निकायों के चुनाव ३१ जनवरी २०२६ से पहले होनेवाले हैं। इसके मद्देनजर सरकार ने बेरोजगारों को चुनावी चूरन देना शुरू कर दिया है। राज्य के परिवहन मंत्री ने संविदा के आधार पर १७ हजार बेरोजगारों को तीस हजार रुपए प्रति महीने की नौकरी देने का चुनावी चूरन दिया है।
परिवहन मंत्री का दावा है कि राज्य परिवहन निगम (एसटी) के बेड़े में आठ हजार नई बसें शामिल की जाएंगी। इसके कारण एसटी निगम को मैनपावर की आवश्यकता होगी। इसके लिए संविदा आधार पर १७,४५० चालकों और सहायकों के पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाएगी और निविदा प्रक्रिया २ अक्टूबर से शुरू होगी। इस भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से राज्य के हजारों बेरोजगार युवाओं को रोजगार उपलब्ध होगा। उन्हें कम से कम तीस हजार रुपए प्रति माह वेतन मिलेगा। हालांकि, परिवहन मंत्री ने यह नहीं बताया कि आठ हजार नई एसटी बसें कब तक बेड़े में शामिल होंगी। इसलिए इसको लेकर चर्चा चल रही है कि परिवहन मंत्री ने बेरोजगार लोगों को केवल चुनावी चूरन दिया है।
बताया जाता है कि महाराष्ट्र राज्य सड़क परिवहन निगम की ३००वीं बोर्ड बैठक में लिए गए निर्णय के अनुसार, बस सेवाओं को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यक चालकों और सहायकों को तीन साल के लिए संविदा आधार पर नियुक्त करने के लिए ई-टेंडर प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
संविदा आधार पर होगी नियुक्ति
यह ई-टेंडर प्रक्रिया छह क्षेत्रीय प्रभागों में लागू की जाएगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य परिवहन निगम को मैनपावर उपलब्ध करानेवाली संस्थाओं से आवश्यक मैनपावर समय पर उपलब्ध हो सकेगी। संविदा आधार पर भर्ती होने वाले चालक और सहायक उम्मीदवारों को लगभग ३० हजार रुपए प्रति माह वेतन दिया जाएगा। इसके साथ ही उम्मीदवारों को एसटी द्वारा प्रशिक्षित भी किया जाएगा।
