-साधु-महंतों की अनदेखी से भारी नाराजगी
सुनील ओसवाल / मुंबई
२०२७ में होनेवाले नासिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ ़कुंभ मेले की शिखर समिति से साधु-संतों को बाहर रखने पर तेरह अखाड़ों के पदाधिकारियों और प्रमुख महंतों में भारी नाराजगी है। त्र्यंबकेश्वर में आयोजित बैठक में साधु-महंतों ने एलान किया कि सरकार की एकाधिकारवादी नीति के खिलाफ वे जल्द ही एल्गार पुकारेंगे।
शनिवार को त्र्यंबकेश्वर में आयोजित एक आपात बैठक में तेरह अखाड़ों के साधु-महंतों ने इस पर तीव्र नाराजगी जताते हुए सरकार के निर्णय को धार्मिक परंपराओं की उपेक्षा बताया।
संतों का कहना है कि कुंभ मेले की पहचान ही साधु-संतों से है, ऐसे में उन्हें पूरी तरह से बाहर रखना अस्वीकार्य है। बैठक में मौजूद अखाड़ा परिषद के प्रवक्ता भक्तिचरणदास महाराज, शंकरानंद सरस्वती, गोपालदास महाराज सहित अन्य संतों ने इस निर्णय को लेकर चिंता व्यक्त की। बैठक में तय किया गया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को एक औपचारिक पत्र सौंपा जाएगा और समिति के पुनर्गठन की मांग की जाएगी।
सम्मानजनक सहभाग जरूरी, केवल आश्वासन नहीं
राज्य सरकार द्वारा घोषित शिखर समिति में मंत्रियों और वरिष्ठ शासकीय अधिकारियों का समावेश किया गया है, परंतु साधु-महंतों अथवा अखाड़ा प्रतिनिधियों को स्थान नहीं दिया गया। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए संतों ने कहा कि कुंभ मेला कोई सरकारी आयोजन मात्र नहीं है, यह संत परंपरा का उत्सव है। हमारे बिना इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती। शिखर समिति में धार्मिक समुदाय की सहभागिता न होना दुर्भाग्यपूर्ण है।
नाम को लेकर भी मतभेद
त्र्यंबकेश्वर के संतों ने एक बार पुन: यह मांग दोहराई कि सिंहस्थ कुंभ मेले को त्र्यंबकेश्वर-नाशिक कुंभ मेला कहा जाए। उनका कहना है कि त्र्यंबकेश्वर ही कुंभ की धार्मिक धुरी है, जबकि नासिक प्रशासनिक केंद्र है। वहीं नासिक के साधु-महंतों ने इस पर आपत्ति जताते हुए नाशिक-त्र्यंबकेश्वर नाम को परंपरागत और प्रचलित बताया है। यह नामकरण विवाद भी अब कुंभ की तैयारियों के समानांतर राजनीतिक और धार्मिक चर्चाओं का विषय बनता जा रहा है।
धार्मिक संगठनों की चेतावनी, आंदोलन की संभावना
अखाड़ा परिषद और अन्य धार्मिक संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि सरकार ने इस विषय पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। हालांकि, फिलहाल संत समाज का रुख यह है कि वे संवाद और पत्र व्यवहार के माध्यम से समस्या का समाधान चाहते हैं।
