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पिछले ८ साल में वसूला गया गब्बर सिंह टैक्स कब लौटाएंगे मोदी?..मुंबईकरों का सवाल

सामना संवाददाता / मुंबई

गुजरात के सीएम रहते हुए नरेंद्र मोदी ने जीएसटी का विरोध किया था। प्रधानमंत्री बनते ही उन्होंने आम जनता की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने के लिए उसी गब्बर सिंह टैक्स (जीएसटी) को लागू किया। पिछले ८ वर्षों में उन्होंने जनता के सीने पर चढ़कर ‘गब्बर सिंह टैक्स’ की वसूली की। पिछले ८ वर्षों में सरकार ने लोगों से लगभग सवा सौ लाख करोड़ रुपए वसूले हैं। अब जीएसटी में छूट देकर मोदी सरकार उसका श्रेय लेने में जुट गई है। मोदी इसे एक उत्सव घोषित कर आम जनता के घाव पर नमक छिड़क रहे हैं। मोदी के इस दोमुंहे बर्ताव से नाराज आम मुंबईकरों का सवाल है कि हमसे ८ वर्षों में वसूला गया गब्बर सिंह टैक्स कब लौटाएंगे मोदी?

अभी तक नहीं आए १५ लाख
देश की जनता के खाते में १५ लाख रुपए की रकम अब तक नहीं आई है और अब हमसे ही लूटी गई हमारी कमाई तो हमें कम से कम लौटा दीजिए, ऐसा आक्रोशित सवाल जनता ने पूछना शुरू कर दिया है।
श्रेय लेने की कोशिश
विपक्ष ने मोदी सरकार के इस रवैए पर हमला करते हुए कहा कि वे अपनी आदत के अनुसार जीएसटी दर कटौती का श्रेय लेने की कोशिश में जुट गए हैं, जबकि २०१७ में मोदीजी ने ही स्वयं अत्यधिक बढ़ी हुई दरों के साथ जीएसटी लागू कर देश के उद्योग, व्यापारी और आम नागरिकों को परेशान किया था। उन्होंने भारी आर्थिक लूट की थी। वही मोदीजी आज श्रेय लेकर अपनी पीठ थपथपाते नजर आ रहे हैं।

चल रहा था ‘लूट महोत्सव’?

पिछले आठ सालों में जीएसटी संग्रह दोगुना होकर २२ लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है और इसका सबसे बड़ा बोझ उपभोक्ताओं और छोटे व्यापारियों पर पड़ा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दर कम करने का श्रेय लेते समय आठ साल बढ़ी हुई दर से की गई लूट की जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए। पीएम कहते हैं कि अब छूट महोत्सव मनाया जाएगा तो पिछले आठ साल से ‘लूट महोत्सव’ चल रहा था क्या? यह सवाल है आम मुंबईकरों का।
पीएम मोदी ने कल घटी हुई जीएसटी दर की पुरानी खबर को पुन: एनाउंस करके उसका क्रेडिट लेने की कोशिश की है। मुंबईकरों में मोदी के इस क्रेडिट स्कीम को लेकर भारी नाराजगी है। सलून एसोसिएशन के सेक्रेटरी अजय शर्मा का कहना है यह एक तरह का लॉलीपॉप है। सरकार एक तरफ से जीएसटी कम कर रही है तो दूसरी तरफ से वसूल कर रही है। इतने सालों से मनमाना टैक्स वसूला गया, इसका जवाब कौन देगा? पीएम मोदी भोली जनता को मूर्ख बनाना छोड़ दें, जनता सब समझ चुकी है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि राहुल गांधी ने बहुत पहले ही कह दिया था कि मोदीजी ने जीएसटी को ‘गब्बर सिंह टैक्स’ में बदल दिया है। दर घटाकर जनता की लूट बंद करो, यह मांग उन्होंने लगातार की थी। उस पर निर्णय लेने में मोदी ने कई साल देर की। दक्षिण मुंबई में आईसक्रीम सप्लायर अजय गुप्ता ने पैâसले को बकवास बताते हुए कहा कि मोदी को देश चलाने की बिलकुल समझ नहीं। राहुल गांधी ने सही कहा था कि यह गब्बर सिंह टैक्स है। आठ साल तक लोगों को टैक्स के नाम पर लूटने वाली मोदी सरकार क्या हमारा पैसा लौटाएगी? कपड़ा व्यापारी इमरान शेख इसे हास्यास्पद बताते हुए कहते हैं कि सरकार अब तक खुद नहीं समझ पाई है कि जीएसटी का स्लैब किस तरह होना चाहिए। सुमित कोठरी ने कहा कि जनता को स्वदेशी का उपदेश देने वाले पीएम खुद विदेशी गाड़ियां, घड़ियां, पेन और फोन इस्तेमाल करते हैं। आत्मनिर्भरता का पाठ पढ़ाते समय वे खुद ऐशो-आराम की जिंदगी में डूबे हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह ‘बचत महोत्सव’ है, तो क्या पिछले आठ साल से ‘लूट महोत्सव’ चल रहा था? यह भी उन्हें बताना चाहिए।

जनता की जेब काटकर मोदी ने बनाया मूर्ख!

-८ साल तक जीएसटी वसूलकर राष्ट्रीय बचत का दिया संदेश

-ढाई लाख की बचत कैसे होगी, जब उतनी कमाई ही नहीं

कल शाम ५ बजे अचानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीवी स्क्रीन पर आकर राष्ट्र को संबोधित किया। आज से घटी हुई जीएसटी लागू हो रही है। इसका क्रेडिट लेने के लिए मोदी टीवी पर आए थे। उन्होंने देशवासियों को जीएसटी बचत का राष्ट्रीय उत्सव मनाने का संदेश दिया। विपक्ष के साथ ही आम लोगों का भी कहना है कि असल में मोदी ने कल देशवासियों को मूर्ग बनाया है। ८ साल तक जनता की जेब जीएसटी में कटती रही। सरकार को लग रहा था कि वो ज्यादा पैसा वसूल रही थी। अब जो ज्यादा पैसा सरकार ने वसूला, उसे कौन वापस करेगा?
आप सांसद संजय सिंह ने ठीक ५ बजे तंज के साथ ट्वीट किया कि ५ बजे टीवी खोलिए। पीएम हर मुद्दे पर जवाब देंगे। पाकिस्तान से क्रिकेट क्यों खेला? पाकिस्तान से सीजफायर क्यों किया? ट्रंप ने सीजफायर घोषित क्यों किया? ट्रंप ने ड्रग तस्करी करनेवाले देशों की सूची में क्यों डाला? एच-१बी वीजा पर एक लाख डॉलर का शुल्क लगाकर भारत के नौजवानों का रोजगार क्यों छीना? दिलचस्प बात यह है कि ५ बजे के संबोधन में मोदी ने इन ज्वलंत सवालों में से किसी का भी जवाब नहीं दिया।
प्रधानमंत्री ने कल देशवासियों से स्वदेशी अपनाने की अपील की। इस पर आम जनों का कहना है कि पीएम खुद तो विदेशी गाड़ी व विमान में चलते हैं, विदेशी चश्मा लगाते हैं और जेब में भी विदेशी पेन रखते हैं। ऐसे में देशवासियों से इस तरह की अपील करना हास्यास्पद है। शायद वे ट्रंप को जवाब देना चाहते हैं, पर खुलकर बोलने में डरते हैं।
मिडिल क्लास के आक्रोश पर मरहम
जीएसटी के कारण आम आदमी कराह रहा था। मोदी ने कहा कि १२ फीसदी को ५ फीसदी के स्लैब में लाने से आम आदमी को ढाई लाख की सालाना बचत होगी। मोदी को शायद यह पता नहीं कि देश में मिडिल क्लास में करोड़ों लोग ऐसे हैं, जिनकी कमाई भी ढाई लाख भी नहीं है।
एच-१बी से ध्यान मोड़ने की कोशिश?
जानकारों का मानना है कि मोदी ने ट्रंप के एच-१बी वीजा पर लगाए एक लाख डॉलर का शुल्क के एक दिन बाद ही जीएसटी घटाने के मामले में राष्ट्र को संबोधित क्यों किया? ये सारी बातें तो पहले ही मीडिया में आ गई थीं और लोगों को मालूम थीं। जाहिर सी बात है कि मीडिया और लोग ट्रंप के बढ़े हुए वीजा शुल्क पर चर्चा न करें इसलिए मोदी ने यह टाइमिंग चुनकर इसे जीएसटी बचत का उत्सव नाम देकर राष्ट्र को संबोधित किया।

 

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