-केवल ४० फीसदी स्कूलों ने किया है डेटा अपलोड
सामना संवाददाता / मुंबई
बदलापुर यौन उत्पीड़न मामले में शिक्षा विभाग ने एक सरकारी आदेश जारी किया है और स्कूलों के लिए इस सरकारी आदेश के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है। हालांकि, ४० फीसदी स्कूलों ने सरकार द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार डेटा अपलोड कर दिया है, लेकिन शेष स्कूलों ने शिक्षा विभाग को जानकारी नहीं दी है। हाई कोर्ट ने सरकार को आदेश दिया है कि छात्राओं की सुरक्षा संबंधित जानकारी ९ अक्टूबर तक अपलोड कर दी जाए।
गौरतलब हो कि बदलापुर के एक स्कूल में एक सफाई कर्मचारी द्वारा दो बच्चियों के यौन उत्पीड़न की रिपोर्ट का संज्ञान लेते हुए हाई कोर्ट ने ‘स्वत: संज्ञान’ लेते हुए एक याचिका दायर की थी। मंगलवार को न्यायमूर्ति रेवती मोहिते-डेरे और न्यायमूर्ति संदेश पाटील की पीठ के समक्ष याचिका पर सुनवाई हुई। उस समय अतिरिक्त सरकारी अधिवक्ता प्राजक्ता शिंदे ने पीठ को बताया कि छात्राओं की सुरक्षा के लिए स्कूलों द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों की जानकारी वेब पोर्टल पर अपलोड की जा रही है। अब तक ४० प्रतिशत स्कूलों ने अपनी जानकारी अपलोड कर दी है, लेकिन यह जानकारी अभी भी जनता के लिए उपलब्ध नहीं है।
९ अक्टूबर की दी डेडलाइन
उच्च न्यायालय ने सरकार को निर्देश दिया कि जनता की जानकारी लिए ९ अक्टूबर तक उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही सरकारी अधिवक्ता ने अदालत को यह भी बताया कि महिला एवं बाल विकास विभाग और आदिवासी विभाग ने भी शिक्षा विभाग के जीआर को स्वीकार कर लिया है। संबंधित विभाग आवासीय विद्यालयों, बालगृहों, आश्रम विद्यालयों आदि का विवरण उपलब्ध कराने के लिए कदम उठाएंगे। पीठ ने इस बात को भी संज्ञान लिया और सुनवाई १० अक्टूबर के लिए स्थगित कर दी।
